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Showing posts from February, 2015

शुक्र का मेष में गोचर

मेष सप्तमेश और द्वितीयेश शुक्र आपके लग्न में गोचर करेगा। मेष के जातको का शुक्र से वैसे भी घनिष्ठ समबन्ध होता है। लग्न में आने से मनोविचार आदि और आचार व्यवहार में परिवर्तन आएगा और क्रोध में कमी आएगी। मन में प्रसन्नता बनी रहेगी किन्तु इस समय आप किसी बड़े कार्य को करने से मना भी कर सकते हैं। मनोरंजन कार्र्य पर हावी हो जाएगा और थोड़ा नुकसान इस कारण हो सकता है। खर्च को भी नियंत्रित रखना अच्छा रहेगा। आपमें परस्त्री /परपुरुष के प्रति आकर्षण उभर सकता है। वृषभ लग्नेश और षष्ठेश के अंतिम घर में चले जाने से एक तरफ तो आपको अधिक मेहनत करनी पड़ जायेगी वहीं दूसरी तरफ अनायास ही आपके रुके हुए बिगड़े हुए कार्य बन सकते हैं। इस घर में शुक्र बहुत खुश होता है लेकिनः उसके खुश होने यह तात्पर्य यह नहीं की आपके लिए शुक्र शुभ फलदायी होगा। आपको अधिकतर कार्यों में अधिक समय और ऊर्जा का व्यय करना पड़ेगा। फल मिलने में देरी होगी। आपमें थोड़ा सा चिढ़चिढ़ापन भी आ सकता है। शैय्या सुख की लालसा भी मन में बनी रहेगी। स्वयं ही महँगी वस्तुओं पर धन का अपव्यय करना पसंद करेंगे। मिथुन पंचमेश और द्वादशेश शुक्र आपके लाभ स्

हिन्दू मुस्लिम दंगे ज्योतिषीय आकलन - hindu muslim riots - astrological perspective

HINDU–MUSLIM RIOTS AND ASTROLOGICAL PERSPECTIVE In the beginning itself, I want to assert that this article has nothing to do with spreading any kind of communalism etc. and I have omitted the parts which deal with the cast or community in the incidents, but yes this article is about the riots between Hindus and Muslims, and the planetary arrangement at that time. While researching on the topic over internet, I found 10 major Hindu-Muslim riots in India. I thought that there should be some common links with respect to planets and their behaviors that caused such incidents affecting masses so brutally at such a large scale. They are as under: (1) At The Time Of Partition, August 1947 Hindu-Muslim riots spreaded and many hundreds were massacred in the name of God, religion, boundaries, etc. The planetary position at that time was: Planet Sign Star Qtr Sub Saturn Cancer Ashlesha 2 Venus Saturn Taurus Krittika 3 Mercury Ketu Scorpio Anuradha 1 Saturn Ketu Gemini Rahu 4 M

शुक्र का मीन में गोचर

मेष धन का अपव्यय विलासत की वस्तुओं पर होगा। आपमें अहंकार की मात्रा अधिक बढ़ेगी।पत्नी / पति कुछ समय के लिए कहीं जा सकते हैं। गरिष्ठ भोजन पसंद आएगा। पिता को लाभ होगा। माता तीर्थ पर जाने का विचार बना सकती हैं। गृह सज्जा पर खर्च कर सकते हैं। नवीन वस्त्र क्रय कर सकते हैं। पुरुष जातक परस्त्रीगमन में रूचि ले सकते हैं। आपमें मुफ्त के उपदेश देने की प्रवृत्ति आ सकती है। वृषभ यह कार्य व्यवसाय आदि के लिए अच्छा समय रहेगा। लग्नेश लाभ में जाना शुभ है। प्रतियोगी परीक्षाओं में उत्तीर्ण होने के प्रबल योग बनेंगे। किसी चुनाव आदि में विजय के अच्छी सम्भावना है। स्त्री जातकों से लाभ मिलेगा और नयी मित्रता भी होगी। आप लोगों को अपने अनुसार साधने में सफल होंगे। पिता को यात्रा करनी पड़ सकती है। माता का स्वास्थय बिगड़ सकता है। मिथुन कार्यों में विलम्ब हो सकता है। अनुमान सही साबित हो सकते हैं। शेयर सट्टे से लाभ मिल सकता है। कार्यक्षेत्र अच्छा रहेगा। नयी मित्रता हो सकती है। कोई प्रेम सम्बन्ध उभर सकता है। पिता का भाग्य प्रबल होगा। माता किसी यात्रा पर जा सकती हैं। यदि वे कार्यरत हैं तो कोई नया आयाम जीविकाोप

सूर्य का कुम्भ में गोचर

मेष मेष राशि में सूर्य उच्च के भी कहलाते हैं। यह मंगल की प्रथम राशि है। शुरूआती दिनों में आपके लिए हानि प्रद रहेगा। आपको कोई निराशाजनक समाचार सुनने को मिल सकता है। किसी महत्वपूर्ण कार्य में विलम्ब हो सकता है। इसके बाद यह  राहु  के नक्षत्र में आएगा जो की अभी  कन्या  राशि में है। शत्रुओं द्वारा आपको हानि की सम्भावना है। आपका स्वास्थ्य भी ख़राब हो सकता है।  गुरु  के नक्षत्र में जाने पर यह आपके खर्चों में बढ़ोत्तरी कर सकता है। वृषभ शत्रु राशि में सूर्य आपके दशम भाव में रहेगा। आपको कार्र्यस्थल पर अधिक ऊर्जा तो देगा किन्तु विलम्ब भी रहेगा। व्यय में अधिकता बनी रहेगी। प्रेम सम्बन्ध में कुछ कमी आ सकती है। चेहरे पर कोई चोट लग सकती है। पेट में अत्यधिक वात रह सकता है।अंतिम चरण में आपको खुशख़बरी मिल सकती है। आपको गुप्त आय के भी योग हैं जो किसी भी रूप में आपके सामने आ सकते हैं। मिथुन आपको कानूनी मसलों में विजय मिल सकती है। दोस्तों से लाभ हो सकता है। प्रतियोगी परीक्षाओं में सफल हो सकते हैं। स्वास्थय सामान्य रहेगा। आपको कीटाणुओं से बचना चाहिए। कार्य क्षेत्र में भी अच्छा प्रदर्शन कर

मंगल का मीन में गोचर

मेष लग्नेश बारहवें घर में होने से कार्यों में विलम्ब होगा। परिश्रम अधिक करना पड़ेगा। लोगों से मतभेद होने के योग बनेंगे। ऋण चुकाने की स्थिति बनेगी। आपके स्वास्थय पर भी प्रतिकूल प्रभाव हो सकता है। क्रोध और आवेश के कारण समस्या उपज सकती है। माताजी के मन में धर्म के प्रति अधिक रूचि बढ़ सकती है। पिता का स्वास्थय ख़राब रह सकता है। यात्राओं पर अपव्यव हो सकता है। विदेश यात्रा पर भी जा सकते हैं। वृषभ आपके लिए  मंगल  मारक गृह है। यह लाभ में आएगा। सप्तमेश होने के कारण तो यह अनुकूल है किन्तु द्वादशेश होने से प्रतिकूल प्रभाव देगा। आपकी पत्नी / पति की नौकरी में समस्या आ सकती है अथवा बदल सकती है। पारिवारिक जीवन क्लेशपूर्ण रह सकता है। आपके खर्चे बढ़ेंगे और अनियंत्रित होने की कगार तक आ जाएंगे। माता के भाग्य में कमी आ सकती है। आपके पिता से आपकी अनबन हो सकती है। छोटे भाई किसी लम्बी यात्रा पर। बड़े भाई का किसी से विवाद हो सकता है। मिथुन निजी प्रगति के लिए यह बहुत अच्छा समय है। आपको यश मान सम्मान आदि प्राप्त हो सकता है। पिता को उनके भाई द्वारा धन प्राप्त हो सकता है। आपको अपने क्रोध को संयमित रखना ह