Tuesday, December 24, 2013

वक्री शुक्र का गोचर और आम प्रभाव

वक्री शुक्र का गोचर और आम प्रभाव

२२ दिसम्बर को शुक्र वक्री हो गया है और यह १ फरवरी २०१५ को मार्गी होगा .ब्रहस्पति पहले से ही वक्री चल रहा है अतः विश्व भर में शुभता की कमी आएगी. शुक्र को विवाह , सम्भोग, सौंदर्य , ऐशोआराम , प्यार आदि का मुख्य गृह माना जाता है .नेत्रों पर भी इसका अधिकार है और सुन्दर बालों पर भी. मनुष्य की कामेच्छा की तीव्रता भी इसी गृह पर निर्भर करती है .
इस गोचर से विश्व में अनेतिकता और बढ़ेगी और दुराचार की घटनाएं बढ़ जायेंगी. आँखों में समस्या , स्त्र्यों को मासिक धर्म में रुकावट और तकलीफ होगी ,महँगी गाड़ियाँ और उपकरण दिक्कत करेंगे. नामी हस्तियों के पारिवारिक जीवन में कलह और क्लेश बढ़ेगी , नामी स्त्रीयां बदनाम हो सकती हैं. कुछ लोगों को सर्जरी भी करानी पड़ेगी. स्थापित लोगों से भी दुराचार करने और होने की घटनाएं सामने आएँगी .
विभिन्न जातकों पर इसका निम्न प्रभाव हो सकता है :
१)       मेष : पारिवारिक जीवन में कलह और अशांति , बच्चों की बीमारी पर खर्च , शादी की बात में देरी होना , प्रेम सम्बन्ध आगे बढ़ सकते हैं.
२)       वृषभ : निर्णय क्षमता में कमी आएगी , जब तक आप निष्कर्ष पर आयेंगे तब तक बात हाथ से निकल जायेगी.आँख गले और यौनांगों में दिक्कत आ सकती है.
३)       मिथुन : मिथुन जातकों को अधिक परेशानी नहीं है , उनकी कई इच्छाएँ पूर्ण हो सकती है , पारिवारिक जीवन में कुछ आम मतभेद रहेंगे .आपको सिर्फ खर्च और यात्रा पर नियंत्रण करना है.
४)       कर्क : आपको धनलाभ , सेहत , आदि सब मिलेगा .धार्मिक प्रभाव आपके ऊपर रहेगा. पति या पत्नी द्वारा लाभ हो सकता है .
५)       सिंह : उच्च अधिकारीयों से सहयोग मिलेगा , छोटी यात्रा करेंगे , खर्च हद से बहार हो जायेंगे , धर्म का प्रभाव बना रहेगा .भौतिकतावाद कम होगा .
६)       कन्या : विपरीत लिंग के जातक द्वारा मानहानि की सम्भावना है , आप अपनी बात पर कायम नहीं रह पायेंगे , लोग आपके विरद्ध कार्य करेंगे ,झगडे और खर्च बढ़ेंगे .
७)       तुला : आपको कोई गंभीर रोग हो सकता है , पारिवारिक जीवन और बेकार होगा , अनिर्णय की स्थिति रहेगी ,आपसे मूर्खता पूर्ण गलतियां होंगी और हंसी का पात्र बनेंगे .
८)       वृश्चिक : आपके लिए यह गोचर अशुभता लिए हुए है .
९)       धनु : आप अस्पताल में भर्ती हो सकते हैं , आपको नाम तो मिलेगा पर उसका लाभ आप नहीं ले पायंगे.
१०)    मकर : यह आपके लिए बहुत शुभ है , आपको धन का लाभ होगा और कामनाएं पूर्ण होगी .
११)    कुम्भ : इस लग्न के जातक सुर्खियाँ बना सकते हैं , नाम और शौहरत मिल सकती है , कुछ छोटी बीमारी हो सकती है मगर अधिक चिंता का विषय नहीं है .

१२)    मीन : आपको छुअछोत की बीमारी हो सकती हैं , यह समय सामान्य ही रहेगा अधिक या अधिक बुरा कुछ भी नहीं है .

Monday, December 16, 2013

काम शक्ति - काम इच्छा - और ज्योतिष

काम शक्ति - काम इच्छा - और ज्योतिष
हमारे पुरुष प्रधान समाज में पौरुष का आकलन व्यक्ति के लैंगिक प्रदर्शन पर अक्सर किया जाता रहा है. इस विषय पर लोग आज भी खुल कर बात नहीं करते Best products for Male Stamina Dont wait Buy nowकिन्तु दबी जुबां में चर्चा समाप्त भी नहीं होती है. इस लेख में मैं प्रयास करूंगा की यदि आप यौन दुर्बलता आदि से ग्रस्त हैं तो उसके ज्योतिषीय उपाय क्या हो सकते हैं. ज्योतिष बहुत ही विस्तृत विज्ञान है और मनुष्य की हर बात को इस से समझा जा सकता है. आज के युग में जिसमें की शुक्र की प्रधानता बढती जा रही है , Best products for Male Stamina Dont wait Buy nowहम रोज़मर्रा के जीवन में देखते है की सम्भोग शक्ति से सम्बंधित दावा और मशीनें बढती जा रही है जो की कुछ नहीं है , लोगों की शर्म का मनोवैज्ञानिक आर्थिक दोहन है. सम्भोग की समयसीमा की अधिकता पौरुष का मार्का बन गयी है. जब हम किसी दवाई की दूकान में जाते हैं तो सामने ही हमें पुरुषों की सम्भोग शक्ति बढाने वाले तेल , पाउडर , कैप्सूल , Best products for Male Stamina Dont wait Buy nowगोली और स्त्रीयों के वक्ष बढाने वाले उत्पाद दीखते हैं , जीवन रक्षक और आवश्यक दवा पीछे कहीं पड़ी रहती है. लोग भी अंधों की तरह एक के बाद एक नुस्खा आजमा रहे हैं बिना किसी सफलता के , सम्भोग आज के जीवन की प्राथमिकता बन गया है . हमारे शास्त्रों में सम्भोग के लिए भी विधान है किन्तु उसको भूलकर लोग अपनी कामेच्छा शांत करने में लगे हुए है .
इन सबसे होता यह है की जो था वोह भी चला जाता है, ज्योतिष में इन Best products for Male Stamina Dont wait Buy nowसबके लिए भी उपाय हैं जो की देर सबेर फायदा भी करते हैं और मनोवैज्ञानिक रूप से सहारा भी देते हैं. सभी ग्रहों के लिंग ज्योतिष में निर्धारित है जो की निम्न हैं :
१)       सूर्य     : पुरुष
२)       चन्द्र    : स्त्री
३)       मंगल   : पुरुष
४)       बुध     : नपुंसक , किन्तु अन्य ग्रहों की युति दृष्टि से अन्य योनी .
५)       गुरु     : पुरुष
६)       शुक्र    : स्त्री
७)       शनि    : नपुंसक
ग्रहों के अनुसार ही राशियों का भी निर्धारण है जैसे हर दूसरी राशी स्त्री राशी है , अतः मेष पुरुष और वृषभ स्त्री राशी हुई , Best products for Male Stamina Dont wait Buy nowइसी प्रकार से मीन तक लीजिये. स्वाभाविक रूप से जब एक पुरुष गृह स्त्री राशी में या स्त्री गृह पुरुष राशी में विचरण करेगा तो भाव के फल में फर्क पड़ेगा. यह सामान्य बात है . कुंडली के सप्तम और अष्टम भाव सेक्स के प्रकार Best products for Male Stamina Dont wait Buy nowऔर यौनांगों से सम्बंधित होते हैं. नपुंसकता आमतौर पर मनोवैज्ञानिक दुर्बलता होती है और यह ठीक करी जा सकती है बशर्ते व्यक्ति के सम्बंधित अंग किसी बिमारी या दुर्घटना के कारण नष्ट न हो गए हों.
कुछ योग जिनसे नपुंसकता आ सकती है ,
१)       राहू या शनि द्वित्य भाव में हों , बुध अष्टम में तथा चन्द्रम द्वादश में हो ,
२)       यदि चन्द्रमा पापकर्तरी में हो तथा अष्टम भाव में बुध या केतु हों ,
३)       यदि शनि और बुध अष्टम भाव में हों तथा चन्द्र पाप कर्तरी में हो ,
यह कुछ योग हैं जिनसे यौन दुर्बलता आ सकती हैBest products for Male Stamina Dont wait Buy now किन्तु यह मनोवैज्ञानिक और अस्थिर होती है ना की सदा के लिए . इन अंगों की प्रकृति अश्तामाधिपति के अनुसार इस प्रकार हो सकती है ,
१)       यदि सूर्य अष्टमेश है तो व्यक्ति के अंग अछे होंगे और ठीक से कार्य करेंगे ,
२)       यदि चन्द्र है तो व्यक्ति के अंग अछे होंगे किन्तु वह सेक्स को लेकर मूडी होगा ,
३)       यदि मंगल है तो व्यक्ति के अंग छोटे होंगे किन्तु वह बहुत ही कामुक होगा ,
४)       यदि बुध है तो व्यक्ति सेक्स को लेकर हीन भावना से ग्रस्त होगा ,
५)       यदि गुरु है तो व्यक्ति व्यक्ति पूर्ण स्वस्थ होगा ,
६)       यदि शुक्र है तो व्यक्ति के अंग सुंदर होंगे और उसकी काम क्रिया में तीव्र रूचि रहेगी ,
७)       यदि शनि है तो व्यक्ति के अंग की लम्बाई अधिक होगी किन्तु क्रिया में शिथिलता और विकृति रह सकती है ,
अष्टम भाव में बैठे ग्रहों के अनुसार फल में परिवर्तन आ जायेगा, बुध यदि अष्टम में हो , स्वराशी का ना हो और उस पर Best products for Male Stamina Dont wait Buy nowकोई शुभ दृष्टि भी न हो तो व्यक्ति काम क्रिया में असफल रहता है, राहू के होने से व्यक्ति अत्यंत भोगवादी हो जाता है तथा केतु से उसके अन्दर तीव्र उत्कंठा बनी रहती है.
व्यक्ति का यौन व्यवहार सप्तम Best products for Male Stamina Dont wait Buy nowभाव से प्रदर्शित होता है ,सप्तम भाव और उसमें बैठे ग्रहों के कारण फल में अंतर आता जाता है ,
१)       सप्तम में यदि मंगल हो तो या दृष्टि हो तो व्यक्ति काम क्रिया में क्रोध का प्रदर्शन करता है और सारा आनंदं नष्ट कर देता है ,
२)       यदि गुरु हो तो व्यक्ति आदर्श क्रिया संपन्न करता है ,
३)       यदि शनि हो व्यक्ति का बहुत ही हीन द्रष्टिकोण होता है और वह जानवरों जैसा व्यवहार भी करता है ,
४)       यदि राहू हो तो व्यक्ति ऐसे बर्ताव करता है जैसे कुछ चुरा रहा हो ,
५)       यदि केतु हो तो व्यक्ति शीघ स्खलन से ग्रस्त होता है ,
६)       यदि शुक्र हो तो व्यक्ति पूर्ण आनंद प्राप्त करता है ,
७)       यदि बुध हो तो व्यक्ति नसों में दुर्बलता और जल्दी थक जाने से ग्रस्त होता है ,
८)       यदि चन्द्र अष्टम मैं हो तो व्यक्ति काम क्रिया में बहुत आनंद देता है किन्तु चन्द्र की दृष्टि निष्प्रभावी होती है ,
९)       यदि सूर्य हो तो व्यक्ति क्रिया में अति उत्तेजना का प्रदर्शन करता है
ग्रहों की युति , दृष्टि , दशा , और गोचर के अनुसार व्रक्ति का प्रदर्शन बदलता चला जाता है और सभी तथ्यों को समक्ष रखनेBest products for Male Stamina Dont wait Buy now पर ही सही निर्णय पर आया जा सकता है. यदि व्यक्ति किसी प्रकार की दुर्बलता या व्याधि से ग्रस्त है तो एक अछे यौन चिकिसक और मनोवैज्ञानिक का परामर्श लेना बेहतर है बजाय किसी पोस्टर पम्फलेट वाले झोला छाप गली मोहल्ले में में मिलने वाले स्वघोषित चिकित्सक अथवा फूटपाथ पर झुग्गी बना के बैठे हुए और्वेदाचार्यों से.
ज्योतिषीय परामर्श से आप न सिर्फ अपनी दुर्बलता को दूर कर सकते है बल्कि जीवन में धनात्मक ऊर्जा का संचार भी कर सकते हैं. आपको वह रत्ना धारण करना चहिये जिससे आपकी शक्ति का विकास हो और योग मुद्रा में Best products for Male Stamina Dont wait Buy nowअश्विनी मुद्रा का अभ्यास करना चहिये. धूम्र पान को सदा के लिए त्यागना होगा क्योकि उस से बड़ा पौरुष शक्ति का शत्रु कोई दूसरा नहीं है. खान पान की आदतों में सुधार करना चहिये और शराब की मात्र संयमित होनी चहिये. इश्वर की प्रार्थना सर्वप्रथम है .

एक अच्छा ज्योतिषी आपको आपकी दशा गृह गोचर आदि द्वारा उचित परामर्श दे सकता है और किस इश्वर की आराधन करनी चहिये वह भी बता सकता है . Best products for Male Stamina Dont wait Buy nowज्योतिष की सहायता लेना दीर्घकाल में कहीं अधिक उपयोगी सिद्ध होगा बजाय इन सब वैद्य और झोला छाप चिकित्सकों के चक्कर लगाने से. साथ ही सही वास्तविक  चिकित्सक और मनोवैज्ञानिक परामर्श का भी आपको सहारा लेना होगा.

Sunday, December 15, 2013

YOUR LIBIDO DURATION AND ASTROLOGY..कामेच्छा शक्ति और ज्योतिष

YOUR LIBIDO DURATION AND ASTROLOGY..कामेच्छा शक्ति और ज्योतिष

Erotic power or sexual power is something which has been a very under the seat thing in our society. It applies to men mostly and we are a paternal and chauvinistic society, this could be the reason people are reluctant to talk about it. In an era of Venus domination, we are witnessing many things from aphrodisiacs to elongating machines etc... Which are doing nothing but just taking the advantage of this silence and feeling of shame psychologically, it is nothing but a clear-cut psychological blackmail assuring a brighter sunrise, which never happens. Duration of intercourse is something, which has become a thing to be proud of, and attracts a lot of attention from the obvious counterparts.  

When we go to a medical shop, in front we see tablets, syrups, oils and powders of increasing sex power of male and increasing breast sizes of a female. The life saving drugs etc are behind all this crap. Are they really working or people are just keeping on trying one option after another to saturate their lust? In my opinion, they are simply wasting money for something useless after a period of life. In our shastras it is clearly mentioned about when to have intercourse and why to do it in the first place. People like asaram and his offspring are a clear-cut violation to our culture and society. 

Astrology has answers for you for this matter of life also which has become the foremost priority of males and females equally. But in this article I will be talking about men only. All planets are assigned genders, which are:

1)      Sun            : Male

2)      Moon        : Female

3)      Mars          : Male

4)      Mercury    : Eunuch, but changes with conjunctions and aspects.

5)      Jupiter       : Male

6)      Venus        : Female

7)      Saturn       : Eunuch

Every alternate sign is a female sign starting from Aries, so Taurus is a female sign. Obviously when a male planet will be occupying a female sign there will be interchange of attributes and thus there will be a different picture coming out. The seventh and eighth house deals with the sex organs. Impotence, if not physically damaged organs, is purely psychological and needs proper counseling and medication in majority of the cases. Going to a psychiatrist or a V.D. specialist is a far better option than wasting money in all such things or going to self proclaimed sexual power enhancers whose photos we see in and around every public toilet and railway stations and other places. 

There is a misconception about the size of the genital of the male organ that the bigger it is in size the more pleasure will be obtained by the counterpart. It is not so, better stop thinking on those lines.......to be continued....

Friday, December 13, 2013

Choosing correct time with help of constellations

                 Choosing correct time with help of constellations
Hindu predictive astrology consists of 9 planets ,12 rashis,and 27 constellations spread across the spectrum of 360 degree .Every rashi consist of 2 ¼ nakshatras(constellations) having in total 9 padas of 3 degree 20 minutes each.
Each planet rules over 3 constellations and except sun and moon rest of the planets rule over two rashis each.rahu ketu do not own any rashi.but they do own constellations.
PLANET                                                                CONSTELLATIONS
KETU                                                                     ASHWINI –MAGHA- MOOL
VENUS                                                                  BHARINI-POORVAFALGUNI-POORVAASHADHA
SUN                                                                       KRITTIKA-UTTARFALGUNI-UTTARASHADHA
MOON                                                                  ROHINI-HAST-SHRAVAN
MARS                                                                    MRIGSHIRA-CHITRA-DHANISHTHA
RAHU                                                                    AARDRA-SWATI-SATABHISHA
JUPITER                                                                                PUNARVASU-VISHAKHA-POORVABHADRAPADA
SATURN                                                               PUSHYA-ANURADHA-UTTARBHADRAPADA
MERCURY                                                            ASHLESHA-JYESHTHA-REVATI
At the time of birth the constellation in which moon is transiting is our birth star,the rashi is which moon is transiting – is our moon sign and in the rashi in which sun is transiting is our sun sign.
Now count from your birth star…the birth star is called janm nalshatra..
1)Janm
2)sampat
3)vipat
4)kshem
5)pratyari
6)saadhak
7)nidhan(Death)
8)mitra(friend)
9)param mitra(very close friend)
Suppose you are born on 31-8-2012/21:09/bhopal…The moon was in aquaris sign and was in satabhisha star which is ruled by Rahu.Jupiter comes after Rahu so stars owned by Jupiter wull be sampat and Sun will be 7th from Rahu so constellations of Sun will be nidhan(death)..Nidhan simply implies that planet is not at all in a position to deliver anything Good at all.Ans so on .
1,2,4,6,8,9 are good and 3,5,7 are bad constellations according to your personal horoscope.
Vipat,Pratyari,Nidhan constellations should be avoided always for anything new…purchasing ,travels,delivery(child birth),Always check moon`s constellation and house plus 9th lord`s constellation and house before starting anything new .It will be very beneficial.6,8,12 houses should be avoided out of which 8,12 houses should be strictly avoided.
If you know running Dasha,Bhukti,Antara also then it will be just great.


SOME POINTERS TO AVOID A CANDIDATE (F)FOR MARRIAGE PURPOSES

SOME POINTERS TO AVOID A CANDIDATE (F)FOR MARRIAGE PURPOSES
Below I am going to share views of some  writers and my own personal experiences to avoid a candidate for marriage purposes…(this is mostly for female candidates)…..they are general in nature and I am not interested in why you said so ?things….those who wish to read pls read others can happily ignore .thank you.
1)At the time of marriage vipat,pratyak,nidhan mahadasha should not be going on .
2)7th lord should not be with rahu or ketu in 4th house.
3)Debilitated saturn should not be in 7th house.
4)7th lord should not be in 6th,12th  house .
5)There should be least malefic aspects on 7th lord and house .
6)Second and 9th lords must be well placed along with 7th lord .
7)The birth stars of the two should not be inimical.
8)Ascendant should be free from malefic planets.
9)moon ,jupiter,mercury preferably should not be combust ,particularly moon
10)rahu-moon,rahu-sun rahu-jupiter conjunction should be better avoided if dasha is also running .
11)mars venus conjunction in 7th house is not good always.
12)saturn and jupiter should not be retrograde.
Quotes from the book –female horoscopy—B.Suryanarain Rao –page 10,11
“Sun and moon have no lordships in thimsamsa,If the lagna or moon falls in mesha or vrischika,and kuja thrismasama falls the girl will become a prostitute after her puberty.the girl will have sexual connections with men before she attains her age of maturity.
If she is born in shukra thrimsamsa she will become adulterous.
If born in mercury thrimsamsa she will be very cunning woman.the word used is mayavi.she will be able to conceal her evil actions by clever subterfuges.
If the birth falls in guru thrimsamsa the girl will become virtuous ,modest ,dignified,and respectful.
If in saturn thrimsamsa she becomes servant or  a dependant.service itself is not evil except it is beggarly and may lead to sinful temptations.Many servant women are chaste while many rich women are shameless”
If lagna or moon falls in virgo or gemini and mars thrisamsa rises at birth –the woman become cunning and dissimilating;If shukra thrisamsa rises then she becomes a whore ;If budh thrismasa rises she will be possessed of excellent qualities;If guru thrisamsa rises the girl becomes virtuous,graceful ,loving,is shani rises she will be not liking sexual operations .

JUPITER TRANSIT IN GEMINI

From 1st june 2013 jupiter will transiting in the sign of mercury-Gemini.Gemini  is a dual,airy,male sign.It has constellations  mrigshira(mars),aardra(rahu),punarvasu(jupiter).Jupiter transit is seen worldwide by all enthusiasts of astrology because it is supposed to be the most benefic planet of all.
The other slow moving are saturn,rahu-ketu.Rest all the planets complete their cycles quite sooner.Jupiter is presently in star of mars itself but rashi is different.jupiter is said to be giving good results in this sign and the native is sweet spoken,good natured,have children and friends,interested in poetry and deals in agriculture and pearls.
Even in bad houses 6,8,12 jupiter is a protector only.but the native loses his charm or power in this period.Jupiter will be in these constellations upto mentioned degrees: Mrigshira -ruled by Mars. 53'20" to 66'40" (23'20 Taurus to 6'40" Gemini). The quarters are ruled by Sun, Mercury, Venus and Mars. Ardra - ruled by Rahu- the North Node. 66'40" to 80'00" (6'40" to 20'00" Gemini) The quarters are ruled by Jupiter, Saturn, Saturn and Jupiter. Punarvasu - ruled by Jupiter. 80'00 to 93'20 (20'00" Gemini to 3'20" Cancer). The  quarters are ruled by Mars, Venus, Mercury and Moon.
In south India ,jupiters transit is a very auspiscious happening.As per that ,jupiter`s transit in various houses gives following results :
1)    1ST HOUSE :Improvement in health,blessed family life ,improved luck.I know one native who was living away from his family for long but when jupiter transited to his first house –he came back to his family and lived with them till jupiter was in his third house and when jupiter left thirds house he also left the family.
2)    2nd house :The native will be careful in his food habits and will be health conscious.His speech will improve and he will be harmonious with the family members overall.This is good for people who have to speak publicly often.
3)    3rd house : Religious travels ,good family life,native will buy new gadgets for communication and they will work efficiently also.He will be polite towards kiths and kins .
4)    4th house :He might change his vehicle,or his current vehicle will run more cost effectively.He will be inclined to change his residence and shift to his own.He will be tending to help all in general.
5)    5th house : New arrival in home (child birth),he will be more interested in reading books .good times for students .There will be improved intuition and better foresight.success in learning mantras,pooja etc.Interest in holy scriptures.Overall happiness in external life of the natives.Good for astrologers ,priests,teachers,mantriks and tantriks.
6)    6th house :Enemies will be defeated.There will be some divine help.reduced behind the back talks.People with long term diseases can be cured in this period with the right medication.new ways of dealing with tough people.
7)    7th house : if native is of marrigeable age,there will be marriage.Affairs will convert to marriage.But for this position of rahu and saturn should be favourable.Abroad travels and good partnerships.Peaceful family life.people looking for divorce will have to wait and they can rethink to start over again.
8)    8th house :Interest in occult,hidden truths .They may visit to meet sick people.Even major diseases will be less painful.Work fron will take a beating.Not bad period broadly.
9)    9th house :Good realtions with father.elders will be positive towards the native.May find a long sought GURU and life turning spiritual is also a possibility.Pilgrimmage will be often.And there can be a change of place of the native.
10) 10th house :work issues will be solved.work will be fun.upliftment in career very likely.
11) 11th house : there will be increase in income and friends.Another native I knew had a great increase in his income when jupiter transited to his 11th house few years back.there was overall happiness in his life and he did gained many good friends.there will be lesser tensions in life and new businessess can be taken up by the native.
12) 12th house :expenses will be undercontrol.surgeries will be successful.loss in speculation.will take travels to holy places and will be thinking of nirvana .some might get enlightenment also.
Apart from houses ,jupiters transit is also seen when it transits over natal saturn,rahu and ketu .when it transits over natal saturn it gives success and new endevours and over ketu it gives spiritual thinking and actions.Its transit over rahu gives losses and transit over jupiter is very beneficial.the results will vary according to the houses where these planets are located in natal chart.
Kindly note that main factor is your running dasha ,antara and pratyantara and transit is reckined lastly.fiery,airy signs are most affected by transits and watery lesser and earthy signs least.same way fixed signs are least affected ,movable most and for dual signs it is mixed bag of candies.
Airy ,movable signs having antara and pratyantara of jupiter in this period will be affected most .Kindly do not think that some miracle is going to happen,It will be for some for sure but all that depends upon your natal horoscope which should be properly examined by a competent astrologer.

Bhava Lords in Houses