सूर्य का वृश्चिक में गोचर

सूर्य का वृश्चिक में गोचर


१७ नवम्बर को सूर्य अपने नीच राशि से निकल कर मित्र राशि वृश्चिक में आएगा। यहाँ आने पर सूर्य वापस अपने तेज को प्राप्त करेगा और उसके नीचत्व में हुई कई घटनाओं में सुधार आएगा। वृश्चिक कीट राशि कही जाती है , इसमें सूर्य बहुत अच्छे परिणाम तो नहीं देता है किन्तु सभी जातकों के लिए खराब होगा ऐसा नहीं है , अपने  भावाधिपत्य के अनुसार प्रत्येक लग्न के लिए यह  भिन्न भिन्न होगा। यदि आपकी सूर्य की प्रत्यंतर दशा चल रही है तो आपको इसके प्रभाव सर्वाधिक प्रतीत होंगे।


१) मेष : आपको स्वास्थ्य को लेकर कोई गंभीर समस्या हो सकती है, अतः स्वास्थ्य को लेकर आपको  अतिआवश्यक है। शत्रु आपके कार्य ख़राब करने की पूरी कोशिश करेंगे। आपके कार्य व्यवसाय में नुक्सान होने की सम्भावना भी बनी हुई है प्रेम सम्बन्ध भी आपको निराश  कर सकते हैं   और संतान पक्ष से भी आपको परेशानी हो सकती है। आपको भाग्य के रूखेपन से भी दो चार होना पड़ेगा , अतः सावधान रहना ही  आपके लिए सबसे हितकारी रहेगा।


२) वृषभ : सामान्य ज्वर आपको परेशान कर सकता है। खर्चे अधिक होंगे और परिवार पर होंगे , अतः कोई बुराई नहीं है। प्रेम संबंधों में गलतफहमियां हो सकती है। संतान पक्ष से आपको अधिक प्रसन्नता नहीं मिलेगी। आपको भाग्य से अधिक आशा तो नहीं करनी चाहिए किन्तु फिर भी आपके कुछ रुके हुए कार्य पूर्ण होने की बहुत सम्भावना है। मित्रों से सहायता  लेना अच्छा रहेगा और आपको उनसे प्रसन्नता भी प्राप्त होगी। विपरीत लिंग के मित्र अधिक सहायक सिद्ध हो सकते हैं।


३) मिथुन :आपको अपनी नौकरी आदि में लाभ होगा , यदि बदलना चाह रहे हैं तो समय अच्छा है प्रयास कीजिये। आपके कार्यों को सराहा भी जाएगा , व्यापारी लोगों को भी लाभ होगा और  मुनाफा अधिक होगा। आपके सम्बन्ध आपके घर के सदस्यों से भी कुछ बिगड़ सकते हैं जिसको  रोकना चाहिए। जीवनसाथी के साथ भी आपकी नोंक झोंक हो सकती है अतः आपको अपने व्यवहार पर नियंत्रण रखना आवशयक है। आपको अपने अहंकार को भी अपने ऊपर हावी नहीं होने देना है।


४) कर्क : तप्त गृह जिस भी भाव में जाता है वहाँ कुछ तो नुक्सान करता है। प्रेम सम्बन्ध आपको उतना सुखी नहीं कर पाएंगे  संतान से भी आपको  अधिक आशा नहीं करनी चाहिए और उसकी सेहत पर भी दुष्प्रभाव हो सकता है। आपको  पेट से सम्बंधित रोग हो सकते हैं और आँतों में जलन की शिकायत हो सकती है। लम्बी यात्रा पे जा सकते हैं  और आनंद भी लेंगे। कार्यक्षेत्र में प्रगति बनी रहेगी। यदि अपने प्रयासों में शिथिलता नहीं  आने देंगे तो आपको पदोन्नति अथवा प्रशंसा अथवा दोनों ही मिल सकते हैं।


५) सिंह : सूर्य की सीधी दृष्टि आपके दशम भाव पर है , सूर्य दशम में हो अथवा दशम को देखे , दोनों ही स्थितियों में जातक का भला  होता ही है। अतः आपको भी अपने कार्यक्षेत्र में लाभ होना है , अधिकारियों का सहयोग मिलना है किन्तु प्रेम सम्बन्ध में उतना लाभ नहीं दीखता है। संपत्ति और वसीयत के कुछ मामले आपके पक्ष में हो सकते हैं। घर के सदस्यों में कुछ मनमुटाव हो सकता है , घर की पूरी तरह से मरम्मत अथवा सफाई करवा सकते हैं। आपकी ख्याति होना संभव है।


६)  कन्या : आपकी संचार सम्प्रेषण आदि गतिविधियों में तेज़ी और स्फूर्ति आएगी। आपसे बात करके लोगों को अच्छा एहसास होगा तथा आप प्रेरणास्पद संवाद में आनंद लेंगे। आपमें आत्मबल की अधिकता होगी और आपके प्रयासों में नयी ऊर्जा का संचार होगा। भाग्य थोड़ा सा दिक्कत करेगा किन्तु आपकी कार्यकुशलता से बात बनती जायेगी। कोई नए समझौते आप शुरू कर सकते हैं अथवा पूर्ण कर सकते हैं। कई छोटी यात्रा आदि आप संपन्न कर सकते हैं।


७) तुला : द्वितीय भाव में सूर्य आपको नेत्रों में तकलीफ दे सकता  है और सिरदर्द भी आपको बना रह सकता है। भाई बहनों से आपको उपहार अथवा धन प्राप्त हो  सकता है। आप स्वर्ण आदि महंगे मद पर खर्च कर सकते हैं। आपके ससुराल में आपका विवाद संभव है। मित्रों से आपको यथा शक्ति सहयोग भी मिलेगा और आप भी उनके लिए अपनी ऊर्जा का सदुपयोग करेंगे। आपके कामकाज में आपको तरक्की प्राप्त होने के भी अच्छे योग हैं।
८) वृश्चिक : प्रेम सम्बन्ध कुछ हताश कर सकते हैं जिसके वजह आप स्वयं होंगे। अहंकार  और क्रोध से आपको दूर रहना है। मित्र  लोगों  के लिए आप सहायता करने को तत्पर रहेंगे। आप किसी बड़े कार्य को करने से पीछे हट  सकते हैं। आपके कार्य क्षेत्र में आपकी क्षमता अच्छी रहेगी किन्तु आपका वयवहार आपके लिए  समस्या बन सकता है। अतः आपको स्वयं पर नियंत्रण करके चलना ही सबसे अच्छा रहेगा। जीवन साथी से भी आपको सामनजस्य बना कर रखना होगा अन्यथा कोई बड़ा विवाद खड़ा कर सकते हैं।


९) धनु : द्वादश भाव  में सूर्य बहुत अच्छा फलदायी नहीं होता , फिर भी इसने आपके मंगल राहु  और गुरु के नक्षत्रों में भ्रमण करना है अतः यह आपको लाभ ही देकर जाएगा।  मन में हताशा निराशा को घर मत करने दीजिये और अपने प्रयासों में शिथिलता को नहीं आने दीजिये। घर के सदस्यों का आपस में तालमेल कुछ कम रह सकता है। प्रेम सम्बन्ध भी कुछ हताशाजनक रह सकते हैं। खर्च अधिक होंगे और आपका मन स्थिर नहीं रहेगा।


१०) मकर : आपको किसी पुराने सौदे , शेयर , वसीयत , फण्ड आदि से लाभ संभव है , आप किसी के प्रति दुष्कर्म कर के भी लाभार्जन कर सकते हैं , किन्तु यह आगे के लिए अच्छा नहीं होगा। आपको अपने सत्मार्ग से कभी विचलित नहीं होना चाहिए। यदि आप भूव्यवसायी हैं तो आपको लाभ  के अच्छे संकेत हैं। लम्बी यात्रा भी आप करते दीखते हैं , धार्मिक दृष्टिकोण भी आपका अच्छा विकसित हो सकता है। खर्चे आपके कुछ बढ़ सकते हैं अतः स्वनियंत्रण आवश्यक है।


११) कुम्भ : सूर्य  दशम  भाव में बहुत ही प्रभावकारी माना जाता है , और अगर उसका  भावधिपत्य खराब नहीं है तो जातक को लाभ अवश्य देता है।  आपको भी आपके कार्य क्षेत्र में अच्छी प्रगति देखने को मिलेगी , धन प्राप्ति भी होनी है और सम्मान  में भी वृद्धि होनी है। आपको दूसरों पर ज़बरदस्ती अपनी बात थोपने से बचना चाहिए। यदि आप सतभिषा -२ में जन्मे हैं तो इस बात का ख़ास ख्याल रखना चाहिए।

१२) मीन : नवम भाव में सूर्य शुभ होता है और आपकी लग्न  के लिए छठे भाव का स्वामी भी है, आपको यह फायदा तो देगा ही आपके पिता को भी लाभ होगा। आपको आपके कार्य क्षेत्र में आगे बढ़ने को मिलेगा और आपकी  मित्रता दूर दूर के लोगों से  होना संभव है।आपकी आय के एक  से अधिक स्तोत्र बनेंगे और यदि नहीं  भी हुए तो इस माह आपको अतिरिक्त आय अवश्य होनी चाहिए जो की धन मान सम्मान किसी भी रूप में हो सकती है। निजी जीवन भी आमतौर पर ठीक ही रहेगा। अतः यह आपके लिए लाभकारी गोचर है।