Thursday, October 15, 2015

शुक्र का तुला में गोचर



शुक्र का तुला में गोचर


१) मेष : आपके सप्तम भाव में शुक्र का गोचर आपको निजी जीवन में बहुत आनंद प्रदान करेगा , आपमें प्रसन्नता बनी रहेगी और आप महँगी वस्तुओं पर खर्च भी करेंगे। आपमें आत्मबल भी बढ़ेगा और आपकी व्यंग्यपटुता में भी वृद्धि होगी। आपका मन आमोद प्रमोद  रहेगा और इसके कारण आपके दैनिक क्रिया कलाप थोड़े से प्रभावित हो सकते हैं किन्तु अधिक नुक्सान नहीं होगा। आपको लम्बी यात्रा भी करने को मिलेंगी और आपको आनंद भी आएगा।  यह गोचर धन से भी सम्बंधित है अतः आपको धन  लाभ भी होगा।


२) वृषभ : लग्नेश के छठे  घर में जाने पर कुछ अहित तो होगा , मन में आत्म विश्वास की कमी आएगी और निजी जीवन में भी कुछ परेशानियां हो सकती हैं। आपकी काम ऊर्जा भी कम हो सकती है। प्रेम सम्बन्ध भी उतने आनंददायी नहीं रहेंगे। किन्तु सब  खराब ही होगा ऐसा नहीं है , आपको अपने इष्ट मित्रों से सहयोग भी मिलेगा और आय के अन्य स्तोत्र से आपको धन भी प्राप्त होगा। यह गोचर आपको अवशय ही लाभ देकर जाएगा किन्तु इतना  है की बहुत अधिक लाभ की अपेक्षा आपको स्वयं ही नहीं करनी चाहिए।


३) मिथुन : पंचम भाव में शुक्र तो बहुत ही अच्छा है , आपकी जो भी कलात्मकता है वह उभर कर  सामने आएगी। लोगों को आपकी बातें अधिक आकर्षित करेंगी तथा आपको भी मन में एक प्रसन्नता की अंदरूनी लहर महसूस होती रहेगी। गीत संगीत मनोरंजन आदि में आपको अधिक मन लगेगा और घूमने फिरने , दोस्तों के साथ दावतें करने में भी आपका काफी समय नष्ट होगा। प्रेम संबधों में आपको थोड़ा सतर्क रहना होगा, कहीं ऐसा न हो की अपनी  मस्ती में आपका ध्यान उस आयाम पर उतना नहीं रहे और आपको नुक्सान हो।


४) कर्क : नौकरी व्यवसाय में आपकी दक्षता और बढ़ेगी  इस गोचर की अच्छी बात यह रहेगी की आप अपने रहने के स्थान में कुछ नयापन लेके आएंगे , आप चीज़ों  को बदलकर  रख सकते हैं , नए कालीन , पेंटिंग , आदि लगा कर वासस्थल की सुंदरता बढ़ा सकते हैं। आपके वाहन में भी आप ऐसा ही कुछ प्रयोग कर सकते हैं।  प्रेम संबंधों के लिए भी समय अच्छा है और आपको इसका लाभ लेना चाहिए। विवाहित लोगों को परिवार के साथ घूमने फिरने के आयोजन करने चाहिए। धर्म कर्म आदि के लिए भी यह शुभदायी गोचर रहेगा।


५) सिंह : आपके लिए यह  बहुत अच्छा समय है जब आप अपने मन की बात जिनको आप चाहते हैं उनसे कह दें , महंगे गैजेट्स भी आप ले सकते हैं। आपकी संवाद शैली मैं थोड़ी कलात्मकता भी प्रदर्शित होगी। आप नए वस्त्र आदि द्वारा अपनी नयी छवि प्रस्तुत कर सकते हैं। किन्तु आपको अधिक आत्मविश्वास में नहीं आना है और ध्यान रखना है की कहीं आपके मुह से ऐसा कुछ न निकल जाए जिससे आपको नीचा देखना पड़ जाए।  धन को लेकर आपको सावधान रहना होगा , कहीं आपसे कोई गलत निवेश न हो जाए। किसी को उधार नहीं देना है।


६) कन्या : धन  भाव में शुक्र का आगमन अच्छा है , आपको धन लाभ होना है और साथ ही कुटुम्बियों में आपसी तालेमल भी अच्छा बना  रहेगा। आपको  दूर के मित्रों से मिलने का बात करने का योग भी है और साथ ही आपकी ख्याति भी आपकी योग्यता और देश काल परिस्थिति के अनुसार बढ़ेगी। किन्तु आपको अपने स्वास्थ्य का ध्यान रखना है और अत्यधिक काम क्रीड़ा में रत नहीं होना है अन्यथा आपको नुक्सान  हो सकता है। जमीन से जुड़े व्यवसाइयों को लाभ होना है , साथ ही वाहन अथवा महँगी विदेशी वस्तुओं के क्रय विक्रय में लगे हुए लोगों को भी अच्छा लाभ होगा।


७) तुला : शुक्र लग्न में आने से आपमें बहुत ऊर्जा का संचार होना है और मन में काम की इच्छा भी बढ़नी है , गीत संगीत आदि में आपकी रूचि अधिक हो जायेगी। आपके प्रयास आपको अपने कार्यों में सफलता दिलाने वाले सिद्ध होंगे। आपको खर्चों को नियंत्रण में रखना होगा और वेब साइट आदि से कोई सामान न खरीदें अन्यथा आपको गलत वस्तु मिल सकती है और आपको बेवजह परेशानी हो सकती है। निजी जीवन अच्छा बना रहेगा। स्वास्थ्य में सामान्य गिरावट आ सकती है जो की चिंतनीय बिलकुल नहीं होगी। आपको अपने जीवन साथी द्वारा भी धन लाभ हो सकता है।


८) वृश्चिक : द्वादश भाव में शुक्र आपको अधिकतर लाभ ही देने वाला है क्योंकि यह शुक्र का प्रिय स्थल है। आपको स्वास्थ्य में परेशानी होगी किन्तु वह अधिक गंभीर प्रकृति की नहीं होगी। मित्र लोगों पर अधिक भरोसा  इस समय नहीं करें अन्यथा आपको हानि हो सकती है , स्वयं के कर्म पर भरोसा करें और आगे बढ़ते रहे। आपको अपने गुप्त प्रेम संबंधों को  अधिक समय नहीं देना है अन्यथा आप अपने ही कारण थोड़े शिथिल हो सकते हैं। शुक्र इस भाव में अत्यधिक कामेच्छा प्रज्वलित करने की कोशिश करता है। इस से बचिए।


९) धनु : मित्रों से आपको बहुत फायदा होगा , और कुछ नहीं भी तो कम से कम उनके साथ बहुत समय बिताएंगे , घूमेंगे और प्रसन्नचित्त रहेंगे। यह भी स्वयं में बहुत बड़ी बात है। आपके प्रयास आपको सफलता  दिलाने में सहयोगकारी होंगे और  परिचितों का सहयोग भी आपको मिलेगा।  प्रेम संबंधों में आपको कुछ निराशा मिलनी है किन्तु वह अस्थायी रहेगी  और आपको बाद में फिर अच्छी अनुभूति मिलेगी। आपको अपने  कामकाज में भी लाभ के ही अधिक योग दीखते हैं। आपको व्यर्थ के मद में खर्च नहीं करना चाहिए।


१०) मकर : दशम स्थान का स्वामी दशम में ही गोचर करे तो आपको लाभ तो देना ही है। मीडिया , मनोरंजन , संगीत से जुड़े लोगों को लाभ होगा। आपके बहुत से काम कम मेहनत और प्रयास में ही बन जाएंगे। यदि आपका  विदेशों से सम्बंधित है तो भी आपको लाभ होना है। धर्म कर्म और तीर्थ में भी आपकी रूचि जग सकती है। आपको अपने घर की साज सज्जा करने का भी मन हो सकता है। आपमें एक ऊर्जा बनी रहेगी जो आपको सतत आगे बढाती रहेगी।


११) कुम्भ : मंगल राहु और गुरु के नक्षत्रों में से तो शुक्र निकलगा ही , अपनी राशि में भी रहेगा।  मंगल आपके लिए अच्छा ही है , राहु अवश्य   अष्टम में गोचर कर रहा है किन्तु   बाद में गुरु का भी नक्षत्र आएगा अतः आपके लिए यह गोचर हानिप्रद कम है और लाभकारी  अधिक है। भाग्य आपके साथ ही है किन्तु बीच में कुछ अवधि के लिए आपको निराश कर सकता है। कोई नया काम शुरू कर सकते हैं और दूर की यात्रा भी होना संभव है। धर्मकर्म के व्यवसाय में लगे जातकों के लिए धन लाभ अच्छा होगा।

१२) मीन : निजी जीवन में परेशानी उभर सकती है। भाग्य अधिक साथ नहीं देगा। आपमें कामेच्छा बहुत बलवती होती जाएगी। इसके अधीन नहीं होना है। ससुराल से उपहार आदि मिल  सकता है। आपके कार्यों मैं कोई विघ्न पड़ सकता है और आपको मानसिक रूप से विचलित कर सकता है।  आपको हताश नहीं होना है और अपने कर्म में लगे रहना है। आपमें आत्मबल की कमी हो सकती है। किन्तु  आने वाले समय में सब ठीक हो  जाएगा अतः कोई विशेष चिंता की बात नहीं है।