यदि आपका धधा नहीं चल रहा सब काम बिगड़ रहे हैं बीवी से अनबन

यदि आपका धधा नहीं चल रहा सब काम बिगड़ रहे हैं बीवी से अनबन ....तलाक की नौबत .....दोस्त धोका दे रहे हैं ....कर्जा सर पे चढ़ गया है और भी कई समस्याएं हैं तो खुश हो जाइए ....आप इंसान हैं ...कुत्ते बिल्ली होते तो यह सब आपको नहीं देखने को मिलता ...खाते पीते और मर जाते .... किसी निर्मल बाबा ...हनुमान लॉकेट ..कुबेर यंत्र ..लक्ष्मी ताबीज़ ....गृह शांति ...शनि को तेल ..मंगल को चोला ....गुरुवार को व्रत ....ये सब करने की कोई ज़रुरत नहीं है .......बीवी बहुत तंग कर रही है तो थाने में शिकायत कीजिये ..तलाक दे दीजिये ..कोई दुनिया नहीं बदल जायेगी ..आप न पहले हैं न आखिरी ...दोस्त धोका दे रहे हैं तो उनको छोड़ दीजिये .....क़र्ज़ चढ़ गया है मेहनत कीजिये और उतारिये ...कोई कर्जा मुक्ति यंत्र तंत्र किसी काम नहीं आने वाला न पत्थर ...मुकदमा जीतना है तो अच्छा वकील कीजिये ......जब सब तरफ से हार जाएँ तो गीता या रामायण में से जो आपको अच्छी लगे उसका पाठ करना शुरू कीजिये .....ज्योतिषी आपको सिर्फ यह बता सकता है की आपका कौन सा काम होगा की नहीं , होगा तो कब होगा ,, आपके जन्म की तारीख -- चड्डी बनियान का रंग ---सेल का नंबर --आपका नामाक्षर ---नाम में परिवर्तन ---वास्तु --रेकी ---गाडी का नंबर --- घर के दरवाज़े का मुह -- वास्तु फेंगशुई ----सब समय और ऊर्जा नष्ट करने की बातें हैं .....सोमालिया में भी पैसे वाले रहते हैं और अमेरिका में भी गरीब हैं ---मुसलमान एक अल्लाह को मानते हैं ..इसाई जीसस को ....और हिन्दू इश्वर को जिसके कई रूप हैं ..और फिर भी वह एक है ......आपमें कुछ भी ऐसा ख़ास नहीं है जो आपको मुसलमान इसाई पारसी यहूदी से अलग करता है ....इश्वर के एक से अधिक होने की कोई सम्भावना ही नहीं है ......नहीं तो पहले वोही आपस में लड़ मरते और इंसान पैदा ही नहीं हो पाता .....कर्म प्रधान है .....और भाग्य कर्म से प्रधान और इश्वर की निश्छल भक्ति सबसे बड़ी है .....जिसके आगे कोई गृह पंडित तांत्रिक ठग पत्थर अंक दिशा वगेरह सब समाप्त हो जाती है ........ज्योतिष भी समाप्त हो जाता है ........सिर्फ भक्त और भगवान् रह जाते हैं और अगर आप वहां तक पहुँच गए ..उसके अंश के एक अंश के भी एहसास को प्राप्त कर लेते हैं तो आपको ये सब समस्या सिर्फ मनोविनोद से अधिक कुछ नहीं लगेगी .....स्वार्थ और निकम्मापन त्यागिये ...