Friday, August 22, 2014

क्या आपके जीवन साथी के विवाहेतर सम्बन्ध हैं

क्या आपके जीवन साथी के विवाहेतर सम्बन्ध हैं
प्रिय ज्योतिष प्रेमियों , यद्यपि यह गंभीर विषय है मगर आप रोज़ मर्रा के जीवन में देखेंगे तो हमें ऐसा बहुत सुनने को मिलता है की अमुक महिला का अमुक व्यक्ति से गुप्त प्रेम सम्बन्ध है और दोनों ही विबाहित भी हो सकते हैं या कोई एक नहीं भी सकता है. यह बहुत आम चर्चा रहती है और ऐसा होता भी है ....समाज में हो रहे कई परिवर्तन इसके कारण हैं. और यह कई कारणों से हो सकता है ...पति की नपुंसकता , पत्नी का दुर्व्यवहार , समय का अभाव , आपसी समझ का अभाव , वगेरह वगेरह . हमको इसके सामाजिक और मनोवैज्ञानिक तथ्यों से कोई मतलब नहीं है अपितु इसके ज्योतिषीय कारणों की चर्चा ज़रूर करेंगे.
श्री कृष्णमूर्ति जी ने –स्वच्छ पत्नी – के विषय में कहा है ---यदि सप्तम का उपनक्ष्त्र मंगल , शुक्र, शनि ना हो , और वह उपनक्ष्त्र स्वामी इन ग्रहों के नक्षत्र में न हो तथा ना ही इनकी राशि में हो तब यह पक्का है की महिला स्वच्छ होगी – स्वच्छ से यहाँ तात्पर्य विवाह पूर्व शारीरिक सम्बन्ध के विषय में है . kp रीडर -४ , १९९६ संस्करण , पृष्ट -१०० .

सुधि पाठक पूर्ण अवगत हैं की शुक्र काम का कारक है , मंगल उत्प्रेरक है और शनि छुपाने वाला और नैसर्गिक बुरा गृह है .
सिर्फ कृष्णमूर्ति ज्योतिष ही एकमात्र ज्योतिष है जिसे वैश्विक रूप से सफलता के साथ इस्तेमाल किया जा सकता है.
आइये पहले देखते हैं की श्री बी.वी. रमन ने इस सम्बन्ध में क्या कहा है :मैं संक्षिप्त में ही बताऊंगा
यदि सप्तमेश
1)      तीसरे घर में हो : बहुत ज्यादा पाप प्रभाव में हो, तब व्यक्ति के उसके भाई की पत्नी के साथ अथवा महिला के उसकी बहिन के पति के साथ सम्बन्ध हो सकते हैं किन्तु वह बहुत पाप प्रभाव में होना चहिये.
2)      चतुर्थ भाव में हो : और राहू – केतु के साथ हो तब जातक की पति / पत्नी के चाल चलन पर शक किया जा सकता है.
3)      पंचम भाव में हो  : और बहुत अधिक पीड़ित हो तो जातक की पत्नी किसी और के शिशु को जन्म दे सकती है.
4)      छठे भाव में हो : और बहुत पीढित हो तो व्यक्ति नपुंसक भी हो सकता है , साथ ही शुक्र भी बहुत कमजोर होना चहिये तथा उसका विवाह ऐसी महिला के साथ हो सकता है जो बीमार होगी तथा व्यक्ति को विवाहित जीवन का आनंद नहीं लेने देगी.
5)      एकादश भाव में हो : तो व्यक्ति के अनेक सम्बन्ध हो सकते हैं अता दो शादियाँ कर सकता है.
सप्तम भाव में गृह :
1)      सूर्य : जातक नैतिक रूप से पतित हो सकता है तथा स्त्रीयों के कारण अपमानित भी हो सकता है और उसकी पत्नी का आचरण संदेहास्पद हो सकता है.
2)      चन्द्र : व्यक्ति बहुत ही कामुक , ईर्ष्यालु होगा . उसकी पत्नी सुंदर होगी मगर वह दुसरे की पत्नियों में अधिक रूचि रखेगा.
3)      केतु : जातक पापी आचरण वाला होगा और उसकी रूचि विधवा स्त्रीयों में होगी .
श्री कृष्णमूर्ति जी के अनुसार , उसी पुस्तक के पृष्ट ८२ से Let us see what Shree Ksk has said about plurality of partners: page-82 same book.
1)      शुक्र और यूरेनस का ख़राब द्रष्टि सम्बन्ध शादी के लिए तैयार लड़कियों से सुख के पूर्ती करवाता है .
2)      चन्द्र का शुक्र के साथ खराब सम्बन्ध दुसरे की पत्नियों से सुख दिलवाता है.
3)      शुक्र चन्द्र यूरेनस नेप्तून यदि १,२,५,७,११,में हों तो दुसरे के साथ आनंद प्राप्त करता है.शनि से गोपनीयता बनी रहती है , मंगल से इच्छा को कर्म में परिवर्तित करने की ऊर्जा आती है ,गुरु का अच्छा प्रभाव हो तो सब कुछ ठीक चलता रहता है किन्तु विपरीत प्रभाव हुआ तो शिशु का जन्म हो सकता है और सामने वाली जातक कानून का सहारा ले सकती है और व्यक्ति को बहुत नुक्सान दे सकती है.
ऐसे बहुत से गृह और नक्षत्र संयोग उनके द्वारा बताये गए जिनको आप स्वयं उस पुस्तक से पढ़ सकते हैं.
अब हम कुछ कुंडलियों को इन सबकी कसौटी पर रख कर देखते हैं :
 1)


सप्तम का उपनक्ष्त्र स्वामी बुध है जो की शुक्र की राशि में है और मंगल तथा सूर्य से जुड़ा हुआ है.सप्तमेश चंद्र राहू – केतु के अक्ष पर है और शुक्र से युति कर रहा है. इस जातक के कई विवाह पूर्व तथा पश्चात सम्बन्ध हैं . इनका एक बहुत लम्बा प्रणय सम्बन्ध भी था जो विफल हो गया.चंद्रमा शनि के नक्षत्र में है , शुक्र मंगल की राही में है , बुध राहू के नक्षत्र में है जो शुक्र से युति कर रहा है.अतः श्री कृष्णमूर्ति और रमन जी की बात इस कुंडली पर पूर्ण सत्य है.
2)

सप्तमेश सूर्य है तथा शनि के नक्षत्र में है और मंगल की राशी में है. वह बुध के साथ है. शुक्र पर शनि और मंगल दोनों की द्रष्टि है तथा वक्री गुरु की द्रष्टि है. इस जातक के द्वारा एक महिला गर्भवती हुई और पुलिस में चली गयी. इसका तलाक हुआ क्योंकि इसके जिससे शादी हुई थी उसका पहले से ही कहीं प्रेम सम्बन्ध था. और फिर इसकी दूसरी शादी हुई.
3)
सप्तम का उपनक्ष्त्र स्वामी स्वयं मंगल है , वह सूर्य के नक्षत्र में है जो शुक्र से युति कर रहा है. शनि की मंगल पर द्रष्टि है. सप्तमेश राहू – केतु अक्ष पर है.इनका अभी एक विवाहेतर सम्बन्ध चल रहा है .
4)
इस जातक का सप्तमेश शुक्र लाभ में है और मंगल से युति कर रहा है और शनि तथा गुरु से द्रष्ट है.इसका एक विजातीय प्रणय हुआ जो विवाह में बदला और अब यह दुसरे में असक्त है.अधिक जानकारी नहीं है.
5)

इनका सप्तम भाव का उपनक्ष्त्र स्वामी राहू है जो सूर्य के नक्षत्र और शुक्र के उपनक्ष्त्र में है और द्विस्वभाव राशि में है. सूर्य पर शनि की द्रष्टि है.सूर्य शुक्र के नक्षत्र में है जो की सीधा सप्तम भाव को देख रहा है .जातक के कई महिलाओं से विवाह पश्चात शारीरिक सम्बन्ध हैं.
वैसे तो मैं और भी कुण्डलियाँ प्रस्तुत कर सकता हूँ मगर बात इतने ही साफ़ होनी चहिये. तो आपने देखा की हमारे महान ज्योतिषियों श्री रमन और श्री कृष्णमूर्ति जी कितने सटीक हैं , ज्योतिष में संदेह की कोई जगह नहीं होती विशेषकर कृष्णमूर्ति पद्धति में जो की सबसे वैज्ञानिक और तार्किक है.

यह कुंडलियाँ समाज के अलग अलग तबके के स्त्री पुरुषों की हैं और इनके बारे में कोई भी डिटेल मैं प्रदान नहीं कर पाउँगा. यदि आपके पति या पत्नी ऐसे हैं तो आपको उनको ऐसा अनैतिक कृत्य करने से रोकना चहिये.

IS YOUR SPOUSE CHEATING YOU

      IS YOUR SPOUSE CHEATING YOU
Dear readers   we have witnessed so many incidents in our life about a person being fooled cheated by his/her partner. Here the word cheating is used here for a wife or husband cheating their spouse and having other person in their lives and so on which we say extramarital affair. I also understand that this is a sensitive issue but as usual astrosage has always given you content of class and this is my effort for the same. How do we define cheating is already I have told, the prime house for marriage is the seventh house which is also a house for legal agreement.
Let us read first what shree Ksk said about a “chaste wife”—if the sublord of the seventh cusp is neither mars nor venus nor saturn and if the sub lord of the seven is not deposited in constellation of mars, venus,saturn or occupying one of the signs belonging to Mars, Venus or Saturn then the girl will be chaste. KP Reader-4, 1996 edition page 100.
Our readers know already that venus controls sex, mars gives the power of initiation and saturn is a seperative planet and a natural malefic by nature though KP System does not entertain traditional vedic astrology in many respects. It simply says that any planet which is in a benefic form will give benefits and vice versa, to the particular native.
KP System is the only system which is applicable universally and which works on fixed rules.
Aren`t  there many instances when we hear that the wife or husband of a native is having secret relations with a x male or a female. Why does it happen? Sociologically, there can be many reasons innumerated like lack of time and lacking, extra sex desire of the native, one not able to fully understand the physical needs of the partner and so on. Bad behaviour of any of the partner. These are sociological stuff but we are interested here with is the astrological parameter of it and you can use astrosage brilliant software to judge yourself on the horoscopes which you have or the people you have known.
Let us see what is said by the great Lt Shree B.V.Raman about the same, extramarital affair with keeping seventh house in focus. I will be giving selected inferences,
Seventh Lord in:
1)      Third House: If afflicted, then the native may have relations with the wife of his brother or with the husband of her sister.Kindly note, they should be heavily afflicted.
2)      Fourth House: If the seventh lord is afflicted by nodes then the character of the spouse may be suspiscious.
3)      Fifth House: If afflicted, then the wife of the native may deliver some others child.This combination also gives love marriage.
4)      Sixth House: If afflicted, and venus is also weak then the native may be a Impotent person who will marry a jealous and sickly wife who will deny him the marital pleasures.
5)      Eleventh House: May marry twice or may have plurality in relations.
Planets in seventh House:
1)      Sun: The native will be morally degraded, his spouse may be of a dubious character and he will have losses due to women.
2)      Moon: The native will be oversexed, jealous. He will beget a beautiful wife but will like other`s wives.
3)      Ketu: The native will be a evil doer, will have attraction towards widows.
Let us see what Shree Ksk has said about plurality of partners: page-82 same book.
1)      Venus and uranus forming evil aspects gives pelasure with girls to be married.
2)      Moon forming bad aspect with venus – pleasure with other`s partners.
3)      Moon Venus Uranus Neptune in 1,2,5,7,11 – enjoys with others.Saturn keeps it confidential, Mars mercury threaten that one will carry on without delicacy or fear even though it is an open secret. If jupiter forms good aspect, there is no complication but if jupiter forms evil aspect – child may be born and other party may take law in her hands, drag the person to court , pleasure ending in pains.
And so on, there are many combinations given by these greats of Astrology. But when do they fructify? Even  a beggar is born with raja yogas and millionaires are born with no yoga at all. The superstar of the millenium, Amitabh bachchan – when he was born – it is a must that in the same hospital there must be atleast one person born and many must have born worldwide but only he became what he is today. We don’t know who were the others, I agree that the cusp sublord will change creating a change in the destiny of people born at different places but what about in the same room same time? on the next bed which is just a meter away?
The answer lies in the hindu theory of karma and rebirth. We reap what we sow. As Ksk said- karma comes first, God comes next. None can dodge fate. Readers may refer KP Reader-4 for the same.
It was only Amitabh bachchan destined to be what he is, there will be none other. There will be no other Bill Gates, Sachin Tendulakar, Harrison Ford, Clint Eastwood, Lata Mangeshkar. The same theory applies to one and all living organisms. If you have done bad deeds then you will reap bad. Don’t expect good after commiting sins.
This is the reason people get such partners who cheat them and fool them and make them suffer the most painful thing…breach of trust. A married life is supposed to be a heaven but is it ? In our day to day life we come across so many gossips about affairs of surrounding people. Most of them may be false but some are true also.
When will it happen- is another question. When the dasha related to such acts operates then the person performs such deeds and after the dasha is gone – the acts are stopped. Dasha is the most important factor, one may have the yogas to become a prime minister but some one else becomes because the former didn’t got the right dasha at the right time. The classical example is the outcome of the lok sabha polls of 2014 of India. This is what is destiny.
Let us now take few charts to substantiate the words of the two greats:
1)


The seventh csl is mercury, it is in sign of venus, conjunct Mars and Moon and venus both are afflicted by rahu- ketu axis. The native had lot many affairs before and after marriage. He also had a failed love affair which was for a very long time. The seventh lord Moon is in star of saturn.Venus is in sign of Mars. Mercury is in star of rahu which is conjunct Venus and in sign of MARS. Thus this horoscope is confirming the sayings of shree B.V.Raman and Shree Ksk.
2)

The seventh csl is Sun. It is in star of saturn. It is in sign of Mars.It is conjunct Mercury. Venus is aspected by saturn and mars both. It is also aspected by retrograde Jupiter. This native actually had a child from her one of the girlfriends and was taken to police and the matter was settled by social forces. He married twice as his wife was having an affair prior to her marriage with him. As said earlier , you get what you sow.
3)
The seventh csl is mars himself. It is star of sun which is conjunct venus in sign of Mars. Saturn is aspecting Mars. The seventh lord Saturn is on the axis of rahu – ketu. The native had extramarital affair from Venus- Saturn period and is continued in sun dasa too. Venus in aries in 3,10,11 houses many times gives such incidents in its dasa, bhukti antara. I am not aware of earlier incidents.
4)
The seventh lord venus is in 11th house conjunct mars and aspected by saturn and jupiter both. The native had an affair with other religion person and married and now wants to come out of the marriage on grounds better known to him/her only.
5)

The seventh csl is rahu. It is in a dual sign.  It is in star of sun sub of venus. Sun is aspected by saturn. Sun is deposited in sign of venus and venus is having direct aspect at the seventh house. The native is married and has excess of plurality in relationships.
Thus we see that many of the combinations are fulfilled and the natives are doing as said by the greats of astrology. I have used charts of males and females both form different sects of society. For obvious reasons, the birth details cannot be disclosed as they are a confidential matter.

The whole point in writing this article was to show that you don’t think that only you are the smartest, it is the fate which is the most smart and fair to one and all equally. These natives had many extramarital and premarital relations and got wedded to only such type of people. As I said , the most imporant factor is dasa which they had in their prime time and thus were indulged in such type of acts. One should live a morally ethically correct life not only for the happiness of present but for the next birth also.

Monday, August 18, 2014

यदि आपका धधा नहीं चल रहा सब काम बिगड़ रहे हैं बीवी से अनबन

यदि आपका धधा नहीं चल रहा सब काम बिगड़ रहे हैं बीवी से अनबन ....तलाक की नौबत .....दोस्त धोका दे रहे हैं ....कर्जा सर पे चढ़ गया है और भी कई समस्याएं हैं तो खुश हो जाइए ....आप इंसान हैं ...कुत्ते बिल्ली होते तो यह सब आपको नहीं देखने को मिलता ...खाते पीते और मर जाते .... किसी निर्मल बाबा ...हनुमान लॉकेट ..कुबेर यंत्र ..लक्ष्मी ताबीज़ ....गृह शांति ...शनि को तेल ..मंगल को चोला ....गुरुवार को व्रत ....ये सब करने की कोई ज़रुरत नहीं है .......बीवी बहुत तंग कर रही है तो थाने में शिकायत कीजिये ..तलाक दे दीजिये ..कोई दुनिया नहीं बदल जायेगी ..आप न पहले हैं न आखिरी ...दोस्त धोका दे रहे हैं तो उनको छोड़ दीजिये .....क़र्ज़ चढ़ गया है मेहनत कीजिये और उतारिये ...कोई कर्जा मुक्ति यंत्र तंत्र किसी काम नहीं आने वाला न पत्थर ...मुकदमा जीतना है तो अच्छा वकील कीजिये ......जब सब तरफ से हार जाएँ तो गीता या रामायण में से जो आपको अच्छी लगे उसका पाठ करना शुरू कीजिये .....ज्योतिषी आपको सिर्फ यह बता सकता है की आपका कौन सा काम होगा की नहीं , होगा तो कब होगा ,, आपके जन्म की तारीख -- चड्डी बनियान का रंग ---सेल का नंबर --आपका नामाक्षर ---नाम में परिवर्तन ---वास्तु --रेकी ---गाडी का नंबर --- घर के दरवाज़े का मुह -- वास्तु फेंगशुई ----सब समय और ऊर्जा नष्ट करने की बातें हैं .....सोमालिया में भी पैसे वाले रहते हैं और अमेरिका में भी गरीब हैं ---मुसलमान एक अल्लाह को मानते हैं ..इसाई जीसस को ....और हिन्दू इश्वर को जिसके कई रूप हैं ..और फिर भी वह एक है ......आपमें कुछ भी ऐसा ख़ास नहीं है जो आपको मुसलमान इसाई पारसी यहूदी से अलग करता है ....इश्वर के एक से अधिक होने की कोई सम्भावना ही नहीं है ......नहीं तो पहले वोही आपस में लड़ मरते और इंसान पैदा ही नहीं हो पाता .....कर्म प्रधान है .....और भाग्य कर्म से प्रधान और इश्वर की निश्छल भक्ति सबसे बड़ी है .....जिसके आगे कोई गृह पंडित तांत्रिक ठग पत्थर अंक दिशा वगेरह सब समाप्त हो जाती है ........ज्योतिष भी समाप्त हो जाता है ........सिर्फ भक्त और भगवान् रह जाते हैं और अगर आप वहां तक पहुँच गए ..उसके अंश के एक अंश के भी एहसास को प्राप्त कर लेते हैं तो आपको ये सब समस्या सिर्फ मनोविनोद से अधिक कुछ नहीं लगेगी .....स्वार्थ और निकम्मापन त्यागिये ...

Friday, August 8, 2014

JUPITER OUT OF COMBUSTION august 2014


On the night of 8th August, Jupiter will move out of combustion. It will be conjunct sun mercury venus. Venus will give a long company to Jupiter. The possible effects on several nativities will be:
1)      ARIES: You may think to go on a vacation. There will be increased expenses. Family atmosphere will be good.
2)      TAURUS: there will be some achievements and accomplishments in this time. you will have good relations with your known people.
3)      GEMINI: There will be progress in work and gain of money is there for you. You will become popular.
4)      CANCER: ROMANCE will be in the air for some time. you may want to fall in love again. Expenses will trouble you.
5)      LEO: YOU will have some dejections but will overcome them with your will and determination. Time ahead is good for you.
6)      VIRGO: PERSONAL life will become better. Misunderstandings will be cleared. You will devote time to each other.
7)      LIBRA: Good time for those in profession, you will have good time in terms of popularity and hikes.
8)      SCORPIO: Love will grow mature now, you will have luck favoring you. Many things will be accomplished in the time to come.
9)      SAGITTARIUS: There are problems ahead but you will overcome them. You need to be careful from enemies and people jealous about you.
10)   CAPRICORN: YOU will not be having much gains , but you need to keep yourself busy. You will have to take care of your health.
11)   AQUARIUS: Control your diet. Do not over eat. There will be a protective shield which you will feel at times in times of distress.

12)   PISCES: YOU will have good going in the time ahead, you need to be focused and fixed. Don’t let emotions ruin your hard work.

Thursday, August 7, 2014

Venus transit in cancer


Venus will transit in cancer in the stars of jupiter saturn and mercury. Saturn will be aspecting this sign and also Jupiter ,venus,sun,mercury for some time till sun and mercury leave cancer. We are seeing religious nonsense since the day jupiter entered cancer in its exaltation. There is worldwide increase in wars killings due to religious issues. Muslim world is worst affected.
This will definitely not be a good result giving transit.This may be helpful for the natives running jupiter,venus antara or pratyantara or the dasha lord is conencted with venus in some way. The possible effects on various natives could be :
1)      ARIES: There will be turmoil in personal life, most likely due to misunderstandings and ego problems. Eye problems, expenses, deciet are the things which you face in this time. your some of the works will be accomplsihed and you may also face legal issues or negative progress in them.
2)      TAURUS: THERE will be initial failure in interviews or meetings but later success will come. You may spend lavishly to show off. There may be high investments in gold or shares. There are big gains promised but will be delayed for long.
3)      GEMINI: PROBLEMS at work place, bad relations with seniors, kids will irritate. Sudden obstacles will come. Love may endup on a bad note. There will loss in financial doings. Love will not fill the gaps anymore.
4)      CANCER: You will remain confused till the month end. Some time you will want to follow your dreamsand some times you will just sit and relax and let things happen. The bad thing is, this will be completely incongruent. When you should have taken a step you will sit and vice versa and you will regret later. Personal life will be disturbing.
5)      LEO: Efforts will not yield much results. Eyes will give troubles . Love life will be affected. You may contract short term genital disease. There will be dissatisfaction on many fronts.
6)      VIRGO: There will good income to father, if he is still in business. You will have good work performance. Love life will suffer. You may take credit from some one known. You will have good incomes and relations overall in this time.
7)      LIBRA: Some hurdles will come in your work due to your own doings. You will have some issues with superiors. Your spouse will gain in this time. you may be benefited from him/her. You may look for a job change because of dissatisfaction.
8)      SCORPIO: Love life will be great, if alone then try to propose as very high chances for getting a yes. Your works will be appreciated. If you are in threatre, media etc you will shine. You will show your religious hunger in this time. you will gain goodwill from people around you.
9)      SAGITTARIUS: Though this is the eighth house but when venus will transit in own subs he will give you positive outputs it the dasha is connected or if its own. You will gain money and publicity for which you crave a lot. At times you will feel stuck but that wont last for more than few days.
10)   CAPRICORN: You will have increased expenses. You will travel to far places in this time. there will be good times in the family and you will enjoy this period from all respects. You will also have good support from your friends and acquaintances. In the last phase though there will be some hurdles.
11)   AQUARIUS: You will get good news as far as friends and romance etc is concerned. There could be long travels. Your father may have difference of opinion with you. There could be sudden loss of position. You may take money from some one as loan. Marital life will not be good.

12)   PISCES:  You will have more or less good time. there will be good atmosphere in the family and you will enjoy time with kids. Though kids may get ill or sick but that wont hamper the goodness much. Health is the prime area of concern for you.