Sunday, July 13, 2014

राहू केतु का राशि परिवर्तन और मध्य प्रदेश का भविष्य

राहू केतु का राशि परिवर्तन और मध्य प्रदेश का भविष्य
१५ जुलाई को राहू कन्या और केतु मीन राशी में प्रवेश कर जायेंगे. राहू केतु १८ माह तक एक राशि में गोचर करते हैं और शनि के बाद सबसे लम्बा समय येही एक राशि में व्यतीत करते हैं. इसके बाद गुरु आता है जो लगभग १ वर्ष १ राशी में भ्रमण करता है.

वर्तमान सरकार का शपथ ग्रहण १४ दिसम्बर २०१३ को १२:०५ बजे bhopal में हुआ था. मैंने उस समय भी लिखा था की इस सरकार में स्वस्थ्य विभाग को लेकर कुछ घोटाला सामने आ सकता है और कई लोग दल बदल कर भाजापा में आयेंगे. ठीक वैसा ही हुआ , व्यापम घोटाला फर्जी डॉक्टर्स का बड़ा घोटाला सामने आया और बहुत बड़े बड़े नाम इसमें शामिल हुए है तथा जांच चल रही है.
इस सरकार की शुक्र की महादशा चल रही है , शपथ ग्रहण के समय महादशा स्वामी शुक्र प्रत्यक नक्षत्र से गोचर कर रहा था. अन्तर्दशा स्वामी बुध जिसका अंतर २२-३-२०१७ तक चल रहा है अपनी तेज़ गति के कारण अलग अलग नक्षत्रों से भ्रमण करता है अतः इसका दीर्घ प्रभाव नहीं रहता. सरकार अभी बड़े संकट में है क्योंकि उसका बहुत नाम ख़राब हो रहा है. अटकलें चल रही है की मुख्मंत्री जी को भारी नुक्सान उठाना पड़ सकता है.
शपथ ग्रहण कुंडली के परिप्रेक्ष्य में राहू लग्न से अष्टम में आएगा और केतु द्वितीय भाव में चला जाएगा. गुरु अभी छठे भाव में है और नोवेम्बर में शनि वृश्चिक में स्थित हो जायगा जो २.५ वर्षों तक वहीँ रहने वाला है.
कुंडली द्वारा ऐसा प्रतीत होता है की अभी और भी बड़े घोटाले सामने आने वाले हैं जो अनायास ही सामने आयेंगे, जैसे खोजी दल ढूंढ कुछ और रहा होगा किन्तु उसको मिल कुछ और जाएगा और सरकार के लिए एकदम से तकलीफ बढ़ जायेगी. बुध वैसे तो लग्नेश का मित्र है किन्तु अष्टम भाव का स्वामी भी है जो की अपमान पदच्युति और अवरोध का सबसे बड़ा भाव होता है. गुरु छठे भाव में व्यक्ति का बल क्षीण तो कर देता है लेकिन व्यक्ति को कोई गंभीर हानि नहीं होने देता -  यह गुरु की बड़ी विशेषता है.
राहू अष्टम में अचानक हानि देने वाला गृह है, ऐसा प्रतीत होता है की कुछ नामचीन और अतिशक्तिशाली परिवारों में अचानक मृत्यु की घटना भी सामने आ सकती है. उनके यहाँ के सदस्यों द्वारा कुछ ऐसा कृत्य अंजाम दिया जा सकता है जिससे उनकी दीर्घकालिक मानहानि होने की सम्भावना बनती है. कुछ बड़े लोग जेल यात्रा भी अवश्य करेंगे.
लग्नेश शनि रहू – केतु से ग्रस्त चल रहा है किन्तु अब सितम्बर तक शनि मंगल से युति बनाएगा. मंगल शनि की युति सरकार के उच्चतम पदाधिकारी के लिए बहुत अच्छी रहेगी और वे अपने विरोधियों को निश्चित ही ध्वस्त कर सकेंगे. हम देखेंगे की थोड़े दिन में सरकार की तरफ से विरोधियों पर घोर पलटवार करा जाएगा. हमारे प्रदेश में वैसे तो कुछ विरोध बचा नहीं है मगर जो भी है उसका भी दमन सरकार कर देगी बल प्रयोग के द्वारा. दोनों दलों के लोगों में हाथापाई वगेरह भी हो सकती है.
जो अटकलें गर्म चल रही हैं की मुख्यमंत्री महोदय जी को भारी नुक्सान हो सकता है वह मुझे लगता है पूर्णतः निर्मूल हैं. लोग प्रयास करेंगे और निश्चित ही मुख्यमंत्री के विरुद्ध तंत्र मन्त्र का प्रयोग भी करा जाएय्गा इसमें कोई २ मत नहीं है मगर कुछ होने वाला नहीं है. अंत में विजय मुख्यमंत्री महोदय की ही होगी. उनके गुप्त शत्रु दिन पर दिन बढ़ेंगे और मानसिक तनाव उनको बहुत कष्ट देगा. थोड़े दिन में हम देखेंगे की मीठा बोलने वाले यह महोदय के मुख से अचानक ही कुछ अपशब्द सार्वजानिक रूप से सामने आयेंगे जिससे बाद में उनको ही पीढ़ा होगी. यह केतु के द्वितीय भाव में आने के कारण होगा.
स्वास्थ्य को लेकर सभी मंत्री गणों को थोडा सावधान रहना चहिये. कुछ लोगों के साथ गंभीर दुर्घटना हो सकती है. शनि के वृश्चिक में आने पर शनि अपने से दुसरे अर्थात मारक भाव में गोचर करने लगेगा जो की कुंडली का दशम भाव है. धर्म के प्रति लोगों में आस्था बढ़ेगी और स्वास्थ को लेकर चिंता भी बनी रहेगी.
अक्टोबर २०१४ से जुलाई २०१५ तक का समय सरकार के लिए कष्टप्रद हो सकता है. हमारे प्रदेश में आतंकी घंटना अंजाम दी जा सकती हैं. सरकार के कुछ लोगों को पितृ शोक भी हो सकता है. मगर जीवन और मरण प्रकृति का हिस्सा है – जो आया है उसे जाना ही है. प्रदेश में अभी वर्षा मेहरबान नहीं हो रही है किन्तु आने वाले समय में बहुत संभव है की लोग अतिवृष्टि से  परेशान हो जाएँ. यह जुलाई अंत से संभव हो सकता है.
सरकार अपना कार्यकाल न सिर्फ पूर्ण करेगी बल्कि अगले चुनाव में भी सफल रहेगी ऐसा मेरा मानना है. आगे जैसी प्रभु श्री राम की इच्छा.
आचार्य रमन
९०३९७५०३९१