Sunday, March 30, 2014

लोकसभा चुनाव २०१४ – जनार्दन मिश्र रीवा



चुनावी बुखार सारे देश में फ़ैल चूका है , हर दल अपना हर संभव प्रयास कर रहा है जिससे वह अपनी सीट बचा सके.मैंने भी कृष्णामूर्ति पद्धति द्वारा यह जानने का प्रयास करा है की कौन सा प्रत्याशी जीतेगा और कौन हारेगा. जनार्दन मिश्र रीवा से भाजापा के प्रत्याशी हैं ,आइये देखते हैं ये कुंडली क्या कहती है  :



जीत के लिए नियम : यदि छठे भाव का उपनक्षत्र  स्वामी ६,१०,११ में से किसी का कार्येष गृह है तो व्यक्ति जीत सकता है अन्यथा यदि वह गृह ४,५,१२ का कार्येष है तो वह हार जाता है. यदि वह दोनों प्रकार के भावों को सामान रूप से दर्शाता है तो महादशा अंतर और प्रत्यंतर स्वामी किन भाव के कार्येष हैं ये देखना चहिये
छठे भाव का उपनक्षत्र  स्वामी राहू  द्वितीय भाव और चंद्रमा  के उपनक्षत्र   में स्थित जो सप्तम  भाव में  है.
दशम का उपनक्षत्र  स्वामी  राहू  द्वितीय  भाव में है और चंद्रमा  के उपनक्षत्र  में है जो सप्तम   भाव में है .
११वे भाव का उपनक्षत्र  स्वामी बुध  छठे भाव में है और शनि  के उपनक्षत्र  में है जो तृतीय  में स्थित है .
इस समय चंद्रमा अपने ही उपनक्षत्र में है जो सप्तम भाव में है .
इनके विरोधी के प्रति अधिक प्रबलता ग्रहों द्वारा प्रदर्शित हो रही है और चंद्रमा भी विरोधी की सबलता को दर्शा रहा है .
चुनाव के समय शनि की महादशा और चंद्रमा की अंतरदशा रहेगी जो विरोधी के पक्ष में है.
निष्कर्ष : यह चुनाव जनार्दन मिश्र हार जायेंगे .