Monday, March 24, 2014

लोकसभा चुनाव : आलोक संजर भोपाल



चुनावी बुखार सारे देश में फ़ैल चुका है, हर दल अपना हर संभव प्रयास कर रहा है जिससे वह अपनी सीट बचा सके. मैंने भी कृष्णामूर्ति पद्धति द्वारा यह जानने का प्रयास किया है की कौन सा प्रत्याशी जीतेगा और कौन हारेगा. . नाटकीय घटनाक्रम में आलोक संजर को लोकसभा का टिकेट दे दिया गया और बाकी मुह तकते रह गए ,आइये देखते हैं की कुंडली विवेचन में क्या परिणाम परिलक्षित होता है:


जीत के लिए नियम : यदि छठे भाव का उपनक्षत्र स्वामी ६,१०,११ में से किसी का कार्येष गृह है तो व्यक्ति जीत सकता है अन्यथा यदि वह गृह ४,,१२ का कार्येष है तो वह हार जाता है. यदि वह दोनों प्रकार के भावों को सामान रूप से दर्शाता है तो महादशा अंतर और प्रत्यंतर स्वामी किन भाव के कार्येष हैं ये देखना चहिये
लग्न का उपनक्षत्र स्वामी गुरु सप्तम भाव में है और शुक्र के उपनक्षत्र में है जो द्वितीय भाव में विराजमान है.
छठे भाव का उपनक्षत्र  स्वामी भी गुरु है .
दशम भाव का उपनक्षत्र स्वामी बुध तृतीय  भाव में विराजमान है और यह अपने ही उपनक्षत्र में है.
लाभेश का उपनक्षत्र  स्वामी चन्द्रमा लग्न में है और शनि  के उपनक्षत्र  में है जो लाभ स्थान  में स्थित है .
इस समय चंद्रमा लग्न भाव में गोचर कर रहा रहा है और शनि के उपनक्षत्र  में है जो लाभ भाव में स्थित है .
चंद्रमा लग्न और चतुर्थ का कार्येष गृह है , बुध दशम तृतीय और अष्टम का कार्येष है ,गुरु दशम और सप्तम के साथ द्वितीय और चतुर्थ का कार्येष है ,शुक्र लग्न द्वितीय षष्ट सप्तम और एकादश का कार्येष है .
अतः हमें मिलेजुले फल दिख रहे हैं , अब विरोधी की भी गणना कर लेते हैं :
पंचम का उपनक्षत्र स्वामी राहू दशम में है , दशम विरोधी का चतुर्थ भाव है .
चतुर्थ भाव का उपनक्षत्र स्वामी बुध तृतीय में है जो विरोधी का नवम भाव है .
द्वादश का उपनक्षत्र स्वामी राहू चंद्रमा के उपनक्षत्र में है और लग्न में है . लग्न विरोधी का विपरीत भाव होता है.
७ जून तक राहू का प्रत्यंतर रहेगा जो दशम के साथ पंचम का भी कार्येष है .
निष्कर्ष : इस कुंडली के अनुसार विरोधी पक्ष के प्रति कमजोर कार्येष गृह अवस्थित हैं किन्तु प्रत्यंतर दशा विरोधी के पक्ष में है . चंद्रमा भी लग्न और चतुर्थ का कार्येष है और शनि के उपनक्षत्र में है जो एकादश और सप्तम का बहुत सबल कार्येष है. ऐसा प्रतीत होता है की आलोक संजर जी की विजय बहुत मुश्किल है किन्तु छोटे स्तर के कार्यकताओं से अधिकाधिक तालमेल बनाने से उनका काम बन सकता है . राहू और शनि निम्न श्रेणी के कर्मचारियों को दर्शाते हैं.