Tuesday, March 18, 2014

लोकसभा चुनाव : जय भान सिंह पवईया


चुनावी बुखार सारे देश में फ़ैल चुका है, हर दल अपना हर संभव प्रयास कर रहा है जिससे वह अपनी सीट बचा सके. मैंने भी कृष्णामूर्ति पद्धति द्वारा यह जानने का प्रयास किया है की कौन सा प्रत्याशी जीतेगा और कौन हारेगा..श्री पवैय्या जी को गुना क्षेत्र से भाजापा का प्रत्याशी  बनाया गया है .आइये देखते हैं की कुंडली विवेचन में क्या परिणाम आता है :


जीत के लिए नियम : यदि छठे भाव का उपनक्षत्र स्वामी ६,१०,११ में से किसी का कार्येष गृह है तो व्यक्ति जीत सकता है अन्यथा यदि वह गृह ४,,१२ का कार्येष है तो वह हार जाता है. यदि वह दोनों प्रकार के भावों को सामान रूप से दर्शाता है तो महादशा अंतर और प्रत्यंतर स्वामी किन भाव के कार्येष हैं ये देखना चहिये..

छठे भाव का उपनक्षत्रस्वामी गुरु है जो एकादश में स्थित है और वह शुक्र के उपनक्षत्र में है जो छठे भाव में है .
दशम का उपनक्षत्र स्वामी मंगल तृतीय भाव में है और यह बुध के उपनक्षत्र में है जो सप्तम में है.
लाभ स्थान का उपनक्षत्र स्वामी केतु है नवं भाव में और यह राहू के उपनक्षत्र में है जो की तृतीय भाव में है.
इस समय चन्द्रमा मंगल का नक्षत्र और उपनक्षत्र में है जो तीसरे भाव में है और पंचम और दशम का स्वामी है.
चुनाव के समय मंगल का ही अंतर और प्रत्यंतर रहेगा. इस कुंडली में एकादश भाव प्रमुखता से नहीं आ रहा है अतः विजय की सम्भावना बहुत अधिक है.
निष्कर्ष : इनकी बहुत कम मतों से पराजय होगी और हो सकता है दोबारा मतदान की स्थिति भी बन जाए.
ज्योतिषाचार्य रमन पिछले 10 वर्षों से ज्योतिष द्वारा जन साधारण की समस्याओं को सुलझाने का काम कर रहे हैं। वे मूलत: कंप्यूटर इंजिनियर हैं। श्री रमन बहुत समय से भारत की सबसे प्रसिद्द ज्योतिष वेब साईट www.astrosage.com, www.astrocamp.com  पर अपनी सेवा अपलब्ध करा रहे हैं। इनके संपर्क में आने वाले अधिकतर लोग अमेरिका, इंग्लैंड, ऑस्ट्रेलिया, मुंबई, दिल्ली और दक्षिण भारत के होते हैं।
श्री रमन का ध्येय आपको आपकी समस्याओं के सही स्पष्ट और तार्किक निराकरण बताना है न की ग्रहों और नक्षत्रों द्वारा डराना जैसा की आज के युग में बहुत आम हो गया है।
ज्योतिषाचार्य श्री रमन यथार्थ ज्योतिषीय उपायों का सुझाव देते हैं।
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