Sunday, March 30, 2014

नरेन्द्र तोमर का चुनावी भविष्य

    

श्री नरेन्द्र तोमर जी ग्वालियर से भाजापा के प्रत्याशी हैं , मैंने के पी क्रमांक १३१ चुना है .आइये देखते हैं कृष्णामूर्ति पद्धति द्वारा इनका क्या भविष्य सामने आता है :

जीत के लिए नियम : यदि छठे भाव का उपनक्ष्त्र स्वामी ६,१०,११ में से किसी का कार्येष गृह है तो व्यक्ति जीत सकता है अन्यथा यदि वह गृह ४,५,१२ का कार्येष है तो वह हार जाता है. यदि वह दोनों प्रकार के भावों को सामान रूप से दर्शाता है तो महादशा अंतर और प्रत्यंतर स्वामी किन भाव के कार्येष हैं ये देखना चहिये
छठे भाव का उपनक्ष्त्र स्वामी चंद्रमा  है जो छठे  भाव में स्थित है. ये अपने ही  उपनक्ष्त्र में है.
दशम का उपनक्षत्र स्वामी शुक्र  चतुर्थ  में है और शनि  के उपनक्षत्र में है जो लग्न  भाव मैं है.
ग्यारहवें भाव का उपनक्षत्र स्वामी बुध पंचम  भाव में विराजमान है और शनि  के उपनक्षत्रमें है जो की लग्न  भाव में है.
इस समय चन्द्रमा छठे  भाव में है और अपने ही उपनक्षत्र में है.
विरोधी के एकादश भाव का उपनक्षत्र स्वामी शनि सप्तम में है और शुक्र के उपनक्षत्र में दशम में है .
शनि वक्री है अतः इसको नहीं गिना जाएगा दोनों ही पक्षों के लिए.
विरोधी के छठे भाव का उपनक्षत्र स्वामी मंगल भी वक्री है और शनि के उपनक्षत्र में है जो वक्री है.
निष्कर्ष : यह बहुत ही कड़ा संघर्ष होगा और बहुत अधिक उहापोह के स्थिति बनेगी किन्तु अंततः नरेन्द्र तोमर विजयी होंगे क्योंकि विरोधी का पक्ष इनसे भी कमज़ोर है .