Saturday, March 29, 2014

उज्जैन प्रत्याशी चिंतामणि मालवीय का चुनावी भविष्य

उज्जैन प्रत्याशी चिंतामणि मालवीय का चुनावी भविष्य
चुनावी बुखार सारे देश में फ़ैल चूका है , हर दल अपना हर संभव प्रयास कर रहा है जिससे वह अपनी सीट बचा सके.मैंने भी कृष्णामूर्ति पद्धति द्वारा यह जानने का प्रयास करा है की कौन सा प्रत्याशी जीतेगा और कौन हारेगा

आइये देखते हैं कि प्रश्न कुंडली इनके विषय में क्या कहती है:



जीत के लिए नियम : यदि छठे भाव का उपनक्ष्त्र स्वामी ६,१०,११ में से किसी का कार्येष गृह है तो व्यक्ति जीत सकता है अन्यथा यदि वह गृह ४,५,१२ का कार्येष है तो वह हार जाता है. यदि वह दोनों प्रकार के भावों को सामान रूप से दर्शाता है तो महादशा अंतर और प्रत्यंतर स्वामी किन भाव के कार्येष हैं ये देखना चहिये
छठे भाव का उपनक्ष्त्र स्वामी शुक्र दशम भाव में है और शनि के उपनक्ष्त्र में छठे भाव में है.
दशम का उपनक्ष्त्र स्वामी गुरु द्वितीय भाव में है जो शुक्र के उपनक्ष्त्र में दशम में है .
एकादश भाव का उपनक्ष्त्र स्वामी शुक्र दशम में है और शनि के उपनक्ष्त्र में है जो छठे भाव में है.
निष्कर्ष : इनकी विजय होनी चहिये है.