Friday, March 28, 2014

रीति पाठक सीधी सीट : चुनावी भविष्य

रीति पाठक सीधी सीट : चुनावी भविष्य

रीति पाठक सीधी से भाजापा से  अपना भाग्य आजमा रही हैं .आइये देखते हैं कृष्णामूर्ति पद्धति द्वारा इनका क्या भविष्य सामने आता है :

जीत के लिए नियम : यदि छठे भाव का उपनक्ष्त्र स्वामी ६,१०,११ में से किसी का कार्येष गृह है तो व्यक्ति जीत सकता है अन्यथा यदि वह गृह ४,५,१२ का कार्येष है तो वह हार जाता है. यदि वह दोनों प्रकार के भावों को सामान रूप से दर्शाता है तो महादशा अंतर और प्रत्यंतर स्वामी किन भाव के कार्येष हैं ये देखना चहिये
छठे भाव का उपनक्ष्त्र स्वामी केतु  है जो अष्टम भाव में है और राहू के उपनक्ष्त्र में है जो द्वितीय  भाव में है.
दशम का उपनक्ष्त्र स्वामी बुध छठे में है और मंगल   के उपनक्ष्त्र में है जो लग्न  भाव मैं है. चंद्रमा ९,१२,८,७ भावों का कार्येष है .
ग्यारहवें भाव का उपनक्ष्त्र स्वामी राहू  चंद्रमा के उपनक्ष्त्र में है जो की छठे  भाव में है. चंद्रमा २,६,११ भावों का कार्येष है.
निष्कर्ष : इनकी जीत निश्चित है .