Wednesday, March 19, 2014

लोकसभा चुनाव : सोनिया गाँधी
चुनावी बुखार सारे देश में फ़ैल चुका है, हर दल अपना हर संभव प्रयास कर रहा है जिससे वह अपनी सीट बचा सके. मैंने भी कृष्णामूर्ति पद्धति द्वारा यह जानने का प्रयास किया है की कौन सा प्रत्याशी जीतेगा और कौन हारेगा. .सोनिया  गाँधी जी को रायबरेली  से प्रत्याशी बनाया गया है और यह उनका अभेद दुर्ग माना जाता है ,आइये देखते हैं की कुंडली विवेचन में क्या परिणाम परिलक्षित होता है:

मैं ७४ क्रमांक के साथ कुंडली बना रहा हूँ जिसका विवेचन निम्नानुसार है:
 जीत के लिए नियम : यदि छठे भाव का उपनक्षत्र स्वामी ६,१०,११ में से किसी का कार्येष गृह है तो व्यक्ति जीत सकता है अन्यथा यदि वह गृह ४,,१२ का कार्येष है तो वह हार जाता है. यदि वह दोनों प्रकार के भावों को सामान रूप से दर्शाता है तो महादशा अंतर और प्रत्यंतर स्वामी किन भाव के कार्येष हैं ये देखना चहिये
छठे भाव का उपनक्षत्र  स्वामी शुक्र सप्तम भाव में है और यह बुध के उपनक्षत्र  में है जो की स्वयं सप्तम में स्थित है .
दशम भाव का उपनक्षत्र स्वामी बुध सप्तम में विराजमान है और यह राहू के उपनक्षत्र में है जो तृतीय भाव में है.
लाभेश का उपनक्षत्र  स्वामी गुरु द्वादश भाव में है और शुक्र के उपनक्षत्र  में है जो सप्तम में स्थित है .
इस समय चंद्रमा तृतीय भाव में गोचर कर रहा रहा है और शुक्र के उपनक्षत्र  में है जो सप्तम भाव में स्थित है .
निष्कर्ष : इस कुंडली के अनुसार सोनिया जी यह चुनाव नहीं जीत पाएंगी.