Wednesday, March 26, 2014

चन्द्रभान सिंह छिन्द्वारा का चुनावी भविष्य

चन्द्रभान सिंह छिन्द्वारा से कमलनाथ के विरुद्ध मैदान में खड़े हैं जो की कमलनाथ का गढ़ है, आइये देखते हैं कृष्णामूर्ति पद्धति द्वारा इनका क्या भविष्य सामने आता है :

जीत के लिए नियम : यदि छठे भाव का उपनक्ष्त्र स्वामी ६,१०,११ में से किसी का कार्येष गृह है तो व्यक्ति जीत सकता है अन्यथा यदि वह गृह ४,५,१२ का कार्येष है तो वह हार जाता है. यदि वह दोनों प्रकार के भावों को सामान रूप से दर्शाता है तो महादशा अंतर और प्रत्यंतर स्वामी किन भाव के कार्येष हैं ये देखना चहिये
छठे भाव का उपनक्ष्त्र स्वामी चंद्रमा  है जो नवम  भाव में स्थित है. ये शुक्र के उपनक्ष्त्र में है जो नवं भाव में है.
दशम का उपनक्ष्त्र स्वामी शनि छठे  में है और सूर्य के उपनक्ष्त्र में है जो एकादश  भाव मैं है.
ग्यारहवें भाव का उपनक्ष्त्र स्वामी चंद्रमा नवम  भाव में विराजमान है और शुक्र के उपनक्ष्त्र में है जो की नवं  भाव में है.
इस समय चन्द्रमा नवम  भाव में है और शुक्र  के उपनक्ष्त्र में है जो नवं  में स्थित है.
शुक्र और चंद्रमा इनके पक्ष में नहीं है. विरोधी पक्ष का आकलन भी करते हैं :
शुक्र इनके ५,९,७,१२,१,६ भावों का कार्येष है .
इनके छठे भाव का उपनक्ष्त्र स्वामी राहू द्वादश में है और चंद्रमा के उपनक्ष्त्र में है जो तृतीय भाव में है .
दशम का उपनक्ष्त्र स्वामी शनि द्वादश में है और सूर्य के उपनक्ष्त्र में है जो पंचम में स्थित है .
एकादश का उपनक्ष्त्र स्वामी राहू द्वादश में है और चंद्रमा के उपनक्ष्त्र में है जो तृतीय भाव में है
चंद्रमा इनके ५,३,११,९,१० भावों का कार्येष है .
चुनाव के समय दशा रहेगी सूर्य में शुक्र की २ जुलाई २०१४ तक , तब तक चुनाव संपन्न हो जायेंगे. शुक्र लग्न के लिए ५,९,७,१२,१,६ भावों का कार्येष है है और विरोधी के ११,३,१,६,७,१२ का .
निष्कर्ष : इनकी जीत संदिग्ध है और विरोधी याने कमल नाथ की विजय अधिक प्रबल सामने आ रही है .ये चुनाव हार सकते हैं.