Monday, March 31, 2014

लोकसभा चुनाव २०१४ – रोडमल नगर राजगढ़


चुनावी बुखार सारे देश में फ़ैल चूका है , हर दल अपना हर संभव प्रयास कर रहा है जिससे वह अपनी सीट बचा सके.मैंने भी कृष्णामूर्ति पद्धति द्वारा यह जानने का प्रयास करा है की कौन सा प्रत्याशी जीतेगा और कौन हारेगा. रोडमल नगर राजगढ़  से भाजापा के प्रत्याशी हैं ,आइये देखते हैं ये कुंडली क्या कहती है  

जीत के लिए नियम : यदि छठे भाव का उपनक्षत्र  स्वामी ६,१०,११ में से किसी का कार्येष गृह है तो व्यक्ति जीत सकता है अन्यथा यदि वह गृह ४,५,१२ का कार्येष है तो वह हार जाता है. यदि वह दोनों प्रकार के भावों को सामान रूप से दर्शाता है तो महादशा अंतर और प्रत्यंतर स्वामी किन भाव के कार्येष हैं ये देखना चहिये
छठे भाव का उपनक्षत्र  स्वामी बुध दशम भाव और बुध  के उपनक्षत्र   में स्थित जो दशम  भाव में  है. यह एकादश का कार्येष भे है.
दशम का उपनक्षत्र  स्वामी  शुक्र नवं  भाव में है और बुध  के उपनक्षत्र  में है जो दशम  भाव में है .
११वे भाव का उपनक्षत्र  स्वामी केतु लाभ भाव में है और राहू  के उपनक्षत्र  में है जो पंचम   में स्थित है . केतु एकादश का सबल कार्येष है किन्तु पंचम में स्थित है.
इस समय चंद्रमा सूर्य उपनक्षत्र में है जो दशम भाव में है .
निष्कर्ष : यह चुनाव रोडमल नगर जीत जायेंगे.

शुक्र का कुम्भ में गोचर

शुक्र का कुम्भ में गोचर
३० मार्च २०१४ को शुक्र कुम्भ में आ जाएगा , २८ अप्रैल २०१४ को यह अपनी उच्च राशी मीन में जाएगा.इसके निम्न प्रभाव हो सकते हैं. यह फलादेश लग्न आधारित है :
1)      मेष : पारिवारिक माहोल शांत रहेगा. विपरीत लिंग के जातकों से लाभ और शयन सुख मिल सकता है. लम्बी यात्रा और बढे हुए खर्चे होंगे. नए मित्र और धन की प्राप्ति होगी.
2)      वृषभ : कार्यों मिएँ उन्नति होगी , आप अपने मंडल में चर्चित होंगे , निजी जीवन अच्छा रहेगा , मन में संगीत के प्रति लगाव रहेगा.
3)      मिथुन : प्रेम सम्बन्ध समाप्त हो सकते हैं ,लम्बी यात्रा करेंगे , निजी जीवन अच्छा रहेगा , कई जातक विवाह कर सकते हैं.
4)      कर्क : संचार में असुविधा होगी , आपको गलत समझा जा सकता है , अचानक रुकावट आएगी .क़र्ज़ ले सकते हैं .
5)      सिंह : आनंद पूर्ण जीवन रहेगा , तीर्थ भी कर सकते हैं , अचानक सफलता मिलेगी पर आपका मन शांत नहीं रह पायेगा .
6)      कन्या : क़र्ज़ ले सकते हैं , पारिवारिक माहोल अच्छा रहेगा , लोग मदद करेंगे , कार्य अच्छा रहेगा , नौकरी बदल सकते हैं.
7)      तुला : मौज मस्ती में समय व्यतीत करेंगे , परिवार में प्रसूता का गर्भ गिर सकता है , मीठा बोलेंगे परिवार के सदस्यों के साथ मेल मिलाप रहेगा.
8)      वृश्चिक : निजी जीवन अच्छा रहेगा ,खर्च और यात्रा बढ़ेंगे ,अचल संपत्ति खरीदने बेचने का विचार कर सकते हैं.
9)      धनु :दोस्तों और भाइयों से अच्छा सहयोग मिलेगा ,धन प्राप्ति होगी , चर्चित बनेंगे,नई योजनाओं पर विचार कर सकते हैं.
10)   मकर : मीठा बहुत खायेंगे , आपसी समझबूझ में कमी आ सकती है , किसी सदस्य को दिल का दौरा आ सकता है.
11)   कुम्भ :नया साथी मिल सकता है , प्यार की खोज में लगे रहेंगे , पिता की तबियत बिगड़ सकती है , अच्छा धन कमा सकते हैं.
12)   मीन : कार्य अच्छा रहेगा , लाभ होगा , महँगी चीज़ों पर खर्च करेंगे .दांत और मसूड़े आदि परेशान कर सकते हैं , सारे माह आप द्वन्द में रहेंगे.



Sunday, March 30, 2014

लोकसभा चुनाव २०१४ – जनार्दन मिश्र रीवा



चुनावी बुखार सारे देश में फ़ैल चूका है , हर दल अपना हर संभव प्रयास कर रहा है जिससे वह अपनी सीट बचा सके.मैंने भी कृष्णामूर्ति पद्धति द्वारा यह जानने का प्रयास करा है की कौन सा प्रत्याशी जीतेगा और कौन हारेगा. जनार्दन मिश्र रीवा से भाजापा के प्रत्याशी हैं ,आइये देखते हैं ये कुंडली क्या कहती है  :



जीत के लिए नियम : यदि छठे भाव का उपनक्षत्र  स्वामी ६,१०,११ में से किसी का कार्येष गृह है तो व्यक्ति जीत सकता है अन्यथा यदि वह गृह ४,५,१२ का कार्येष है तो वह हार जाता है. यदि वह दोनों प्रकार के भावों को सामान रूप से दर्शाता है तो महादशा अंतर और प्रत्यंतर स्वामी किन भाव के कार्येष हैं ये देखना चहिये
छठे भाव का उपनक्षत्र  स्वामी राहू  द्वितीय भाव और चंद्रमा  के उपनक्षत्र   में स्थित जो सप्तम  भाव में  है.
दशम का उपनक्षत्र  स्वामी  राहू  द्वितीय  भाव में है और चंद्रमा  के उपनक्षत्र  में है जो सप्तम   भाव में है .
११वे भाव का उपनक्षत्र  स्वामी बुध  छठे भाव में है और शनि  के उपनक्षत्र  में है जो तृतीय  में स्थित है .
इस समय चंद्रमा अपने ही उपनक्षत्र में है जो सप्तम भाव में है .
इनके विरोधी के प्रति अधिक प्रबलता ग्रहों द्वारा प्रदर्शित हो रही है और चंद्रमा भी विरोधी की सबलता को दर्शा रहा है .
चुनाव के समय शनि की महादशा और चंद्रमा की अंतरदशा रहेगी जो विरोधी के पक्ष में है.
निष्कर्ष : यह चुनाव जनार्दन मिश्र हार जायेंगे .

नरेन्द्र तोमर का चुनावी भविष्य

    

श्री नरेन्द्र तोमर जी ग्वालियर से भाजापा के प्रत्याशी हैं , मैंने के पी क्रमांक १३१ चुना है .आइये देखते हैं कृष्णामूर्ति पद्धति द्वारा इनका क्या भविष्य सामने आता है :

जीत के लिए नियम : यदि छठे भाव का उपनक्ष्त्र स्वामी ६,१०,११ में से किसी का कार्येष गृह है तो व्यक्ति जीत सकता है अन्यथा यदि वह गृह ४,५,१२ का कार्येष है तो वह हार जाता है. यदि वह दोनों प्रकार के भावों को सामान रूप से दर्शाता है तो महादशा अंतर और प्रत्यंतर स्वामी किन भाव के कार्येष हैं ये देखना चहिये
छठे भाव का उपनक्ष्त्र स्वामी चंद्रमा  है जो छठे  भाव में स्थित है. ये अपने ही  उपनक्ष्त्र में है.
दशम का उपनक्षत्र स्वामी शुक्र  चतुर्थ  में है और शनि  के उपनक्षत्र में है जो लग्न  भाव मैं है.
ग्यारहवें भाव का उपनक्षत्र स्वामी बुध पंचम  भाव में विराजमान है और शनि  के उपनक्षत्रमें है जो की लग्न  भाव में है.
इस समय चन्द्रमा छठे  भाव में है और अपने ही उपनक्षत्र में है.
विरोधी के एकादश भाव का उपनक्षत्र स्वामी शनि सप्तम में है और शुक्र के उपनक्षत्र में दशम में है .
शनि वक्री है अतः इसको नहीं गिना जाएगा दोनों ही पक्षों के लिए.
विरोधी के छठे भाव का उपनक्षत्र स्वामी मंगल भी वक्री है और शनि के उपनक्षत्र में है जो वक्री है.
निष्कर्ष : यह बहुत ही कड़ा संघर्ष होगा और बहुत अधिक उहापोह के स्थिति बनेगी किन्तु अंततः नरेन्द्र तोमर विजयी होंगे क्योंकि विरोधी का पक्ष इनसे भी कमज़ोर है .

VENUS IN AQUARIUS

VENUS IN AQUARIUS 
Venus will be transiting into aquarius on 30th march 2014. On 28th april 2014 it will enter into its sign of exaltation Pisces. Venus is one of the most benefic planets directly connected with wordly pleasures.For few days it will be acccompanied by mercury, its friend. It will be aspected by another benefic Jupiter. Let us see who will be affected in what way by the transit:
1)      ARIES: There will be peace at home, you will win favors from opposite sex. You will have long travels and expenses. There will be gain of new friends and accumulation of wealth for many.
2)      TAURUS: There will be good professional development, you will become popular and win friends. Personal life will be good. There will be melodious thoughts in your mind.
3)      GEMINI: Love matters may get spoiled, long travels are promised. Domestic life will be good and peaceful. You will be hiding your inner thoughts. There is very likelihood of celebrating marriage for many.
4)      CANCER: Communication will cause troubles, i.e. you will be misinterepreted or misunderstood. There will be sudden blocks in your way to success. You may take debts.
5)      LEO: THERE will be enjoyable personal life. You will do pilgrimmage. You will have sudden success in your endevors. Things which are unexpected by you will happen. You will be somewhat dejected during this transit.
6)      VIRGO: You will gain money form debts, there will be good domestic atmosphere. Family members will be cooperative. Work front will be good. There could be job change for you.
7)      LIBRA: There will be utilisation of time in amusements and entertainments. There could be miscarraige in family. You will have good time with family members. Your speech will be sweet and sober.
8)      SCORPIO: PERSONAL life will be good, you will have long travels and expenses will rise. Family will be supportive and there will be good interchange of ideas and views in the family members. There could be talks about sale purchase of immovable assets.
9)      SAGITTARIUS: There will be good support from friends and brothers. There will be good gains and accumulation of wealth. You will be popular and gain name. You will have new oppurtunities to think about. There will be aggressiveness in your attitude.
10)   CAPRICORN: You will consume lot of sweets, there will be misunderstandings in the family memebers, you will have extra expenses to bear with. There will be heart ailments to elders in family.
11)   AQUARIUS: You may find a new partner in this time, you will look for love all around. Flirt will be flowing in your senses. There could be ailment to father. You may strike a good deal and earn good commission in this time.

12)   PISCES: WORK FRONT will be good, there will be good gains, you will spend on lavishness and sensous pleasures. You will have problems of teeth and gums. You will be double minded whole month.

Saturday, March 29, 2014

उज्जैन प्रत्याशी चिंतामणि मालवीय का चुनावी भविष्य

उज्जैन प्रत्याशी चिंतामणि मालवीय का चुनावी भविष्य
चुनावी बुखार सारे देश में फ़ैल चूका है , हर दल अपना हर संभव प्रयास कर रहा है जिससे वह अपनी सीट बचा सके.मैंने भी कृष्णामूर्ति पद्धति द्वारा यह जानने का प्रयास करा है की कौन सा प्रत्याशी जीतेगा और कौन हारेगा

आइये देखते हैं कि प्रश्न कुंडली इनके विषय में क्या कहती है:



जीत के लिए नियम : यदि छठे भाव का उपनक्ष्त्र स्वामी ६,१०,११ में से किसी का कार्येष गृह है तो व्यक्ति जीत सकता है अन्यथा यदि वह गृह ४,५,१२ का कार्येष है तो वह हार जाता है. यदि वह दोनों प्रकार के भावों को सामान रूप से दर्शाता है तो महादशा अंतर और प्रत्यंतर स्वामी किन भाव के कार्येष हैं ये देखना चहिये
छठे भाव का उपनक्ष्त्र स्वामी शुक्र दशम भाव में है और शनि के उपनक्ष्त्र में छठे भाव में है.
दशम का उपनक्ष्त्र स्वामी गुरु द्वितीय भाव में है जो शुक्र के उपनक्ष्त्र में दशम में है .
एकादश भाव का उपनक्ष्त्र स्वामी शुक्र दशम में है और शनि के उपनक्ष्त्र में है जो छठे भाव में है.
निष्कर्ष : इनकी विजय होनी चहिये है.

Friday, March 28, 2014

रीति पाठक सीधी सीट : चुनावी भविष्य

रीति पाठक सीधी सीट : चुनावी भविष्य

रीति पाठक सीधी से भाजापा से  अपना भाग्य आजमा रही हैं .आइये देखते हैं कृष्णामूर्ति पद्धति द्वारा इनका क्या भविष्य सामने आता है :

जीत के लिए नियम : यदि छठे भाव का उपनक्ष्त्र स्वामी ६,१०,११ में से किसी का कार्येष गृह है तो व्यक्ति जीत सकता है अन्यथा यदि वह गृह ४,५,१२ का कार्येष है तो वह हार जाता है. यदि वह दोनों प्रकार के भावों को सामान रूप से दर्शाता है तो महादशा अंतर और प्रत्यंतर स्वामी किन भाव के कार्येष हैं ये देखना चहिये
छठे भाव का उपनक्ष्त्र स्वामी केतु  है जो अष्टम भाव में है और राहू के उपनक्ष्त्र में है जो द्वितीय  भाव में है.
दशम का उपनक्ष्त्र स्वामी बुध छठे में है और मंगल   के उपनक्ष्त्र में है जो लग्न  भाव मैं है. चंद्रमा ९,१२,८,७ भावों का कार्येष है .
ग्यारहवें भाव का उपनक्ष्त्र स्वामी राहू  चंद्रमा के उपनक्ष्त्र में है जो की छठे  भाव में है. चंद्रमा २,६,११ भावों का कार्येष है.
निष्कर्ष : इनकी जीत निश्चित है .

Wednesday, March 26, 2014

चन्द्रभान सिंह छिन्द्वारा का चुनावी भविष्य

चन्द्रभान सिंह छिन्द्वारा से कमलनाथ के विरुद्ध मैदान में खड़े हैं जो की कमलनाथ का गढ़ है, आइये देखते हैं कृष्णामूर्ति पद्धति द्वारा इनका क्या भविष्य सामने आता है :

जीत के लिए नियम : यदि छठे भाव का उपनक्ष्त्र स्वामी ६,१०,११ में से किसी का कार्येष गृह है तो व्यक्ति जीत सकता है अन्यथा यदि वह गृह ४,५,१२ का कार्येष है तो वह हार जाता है. यदि वह दोनों प्रकार के भावों को सामान रूप से दर्शाता है तो महादशा अंतर और प्रत्यंतर स्वामी किन भाव के कार्येष हैं ये देखना चहिये
छठे भाव का उपनक्ष्त्र स्वामी चंद्रमा  है जो नवम  भाव में स्थित है. ये शुक्र के उपनक्ष्त्र में है जो नवं भाव में है.
दशम का उपनक्ष्त्र स्वामी शनि छठे  में है और सूर्य के उपनक्ष्त्र में है जो एकादश  भाव मैं है.
ग्यारहवें भाव का उपनक्ष्त्र स्वामी चंद्रमा नवम  भाव में विराजमान है और शुक्र के उपनक्ष्त्र में है जो की नवं  भाव में है.
इस समय चन्द्रमा नवम  भाव में है और शुक्र  के उपनक्ष्त्र में है जो नवं  में स्थित है.
शुक्र और चंद्रमा इनके पक्ष में नहीं है. विरोधी पक्ष का आकलन भी करते हैं :
शुक्र इनके ५,९,७,१२,१,६ भावों का कार्येष है .
इनके छठे भाव का उपनक्ष्त्र स्वामी राहू द्वादश में है और चंद्रमा के उपनक्ष्त्र में है जो तृतीय भाव में है .
दशम का उपनक्ष्त्र स्वामी शनि द्वादश में है और सूर्य के उपनक्ष्त्र में है जो पंचम में स्थित है .
एकादश का उपनक्ष्त्र स्वामी राहू द्वादश में है और चंद्रमा के उपनक्ष्त्र में है जो तृतीय भाव में है
चंद्रमा इनके ५,३,११,९,१० भावों का कार्येष है .
चुनाव के समय दशा रहेगी सूर्य में शुक्र की २ जुलाई २०१४ तक , तब तक चुनाव संपन्न हो जायेंगे. शुक्र लग्न के लिए ५,९,७,१२,१,६ भावों का कार्येष है है और विरोधी के ११,३,१,६,७,१२ का .
निष्कर्ष : इनकी जीत संदिग्ध है और विरोधी याने कमल नाथ की विजय अधिक प्रबल सामने आ रही है .ये चुनाव हार सकते हैं.

लोकसभा चुनाव : फग्गन सिंह कुलस्ते मंडला सीट

  

चुनावी बुखार सारे देश में फ़ैल चुका है, हर दल अपना हर संभव प्रयास कर रहा है जिससे वह अपनी सीट बचा सके. मैंने भी कृष्णामूर्ति पद्धति द्वारा यह जानने का प्रयास किया है की कौन सा प्रत्याशी जीतेगा और कौन हारेगा..फग्गन सिंह कुलस्ते को मंडला से प्रत्याशी बनाया गया है .आइये देखते हैं क्रमांक १२५ की प्रश्न कुंडली विवेचन में क्या परिणाम आता है :
जीत के लिए नियम : यदि छठे भाव का उपनक्षत्र स्वामी ६,१०,११ में से किसी का कार्येष गृह है तो व्यक्ति जीत सकता है अन्यथा यदि वह गृह ४,,१२ का कार्येष है तो वह हार जाता है. यदि वह दोनों प्रकार के भावों को सामान रूप से दर्शाता है तो महादशा अंतर और प्रत्यंतर स्वामी किन भाव के कार्येष हैं ये देखना चहिये..:
छठे भाव का उपनक्षत्रस्वामी राहू है जो लग्न में स्थित है और वह चद्रमा  के उपनक्षत्र में है जो चतुर्थ  में  है.
दशम का नक्षत्र  उपनक्षत्र स्वामी चंद्रमा  चतुर्थ  भाव में है और यह शुक्र   के उपनक्षत्र में है जो चतुर्थ  भाव  में है.
लाभ स्थान का उपनक्षत्र स्वामी शुक्र   है चतुर्थ  भाव में और यह राहू   के उपनक्षत्र में है जो की लग्न   भाव में है.
इस समय चन्द्रमा शुक्र उपनक्षत्र में है जो चतुर्थ भाव  में  है.
निष्कर्ष : ये नहीं जीत पायेंगे .

Tuesday, March 25, 2014

लोकसभा चुनाव : पी सी शर्मा

चुनावी बुखार सारे देश में फ़ैल चुका है, हर दल अपना हर संभव प्रयास कर रहा है जिससे वह अपनी सीट बचा सके. मैंने भी कृष्णामूर्ति पद्धति द्वारा यह जानने का प्रयास किया है की कौन सा प्रत्याशी जीतेगा और कौन हारेगा. .पी से शर्मा भोपाल से कांग्रेस के प्रत्याशी हैं  ,आइये देखते हैं की कुंडली विवेचन में क्या परिणाम परिलक्षित होता है:

मैं १०८  क्रमांक के साथ कुंडली बना रहा हूँ जिसका विवेचन निम्नानुसार है:

 जीत के लिए नियम : यदि छठे भाव का उपनक्षत्र स्वामी ६,१०,११ में से किसी का कार्येष गृह है तो व्यक्ति जीत सकता है अन्यथा यदि वह गृह ४,,१२ का कार्येष है तो वह हार जाता है. यदि वह दोनों प्रकार के भावों को सामान रूप से दर्शाता है तो महादशा अंतर और प्रत्यंतर स्वामी किन भाव के कार्येष हैं ये देखना चहिये
छठे भाव का उपनक्षत्र  स्वामी चंद्रमा चतुर्थ  भाव में है और यह मंगल  के उपनक्षत्र  में है जो की लग्न में स्थित है .
दशम भाव का उपनक्षत्र स्वामी सूर्य  सप्तम में विराजमान है और यह शुक्र के उपनक्षत्र में है जो पंचम  भाव में है.
लाभेश का उपनक्षत्र  स्वामी बुध  छठे  भाव में है और केतु के उपनक्षत्र  में है जो अष्टम  में स्थित है .
इस समय चंद्रमा चतुर्थ  भाव में गोचर कर रहा रहा है और मंगल  के उपनक्षत्र  में है जो लग्न  भाव में स्थित है . मंगल वक्री है .
अब विरोधी पक्ष की सबलता देखते हैं :
विरोधी का लाभेश का उपनक्षत्र स्वामी बुध है जो द्वादश में है और केतु के उपनक्षत्र में है जो द्वितीय में है .
विरोधी का छठे भाव का उपनक्षत्र स्वामी राहू अष्टम में है और चंद्रमा के उपनक्षत्र में है जो दशम में है .
विरोधी का लग्न भाव शनि के उपनक्षत्र में है जो अष्टम में है और सूर्य के उपनक्षत्र में है जो लग्न में है .
निष्कर्ष : इस कुंडली के अनुसार इनके विरोधी और इनका सामानांतर युद्ध होगा और अंतिम निर्णय के अनुसार विरोधी प्रबल सिद्ध हो सकता है , बुध केतु राहू शनि बहुत अच्छे नहीं हैं मगर अगर ये आम जनता के साथ घर घर तारतम्य सामान्यता के साथ मिला पायेंगे तो विजय की अधिक प्रबलता है . बुध का प्रश्न कुंडली में आना ही दुविधा का घोतक है .विष्णु सहस्त्रनाम का १ लाख जाप पूर्ण श्रद्धा से करवाना इनके लिए बहुत आवश्यक है .क्योंकि लग्न के उपनक्षत्र स्वामी का उपनक्षत्र स्वामी स्वयं लग्न में है और सूर्य है इसलिए विजय की अच्छी सम्भावना है .