Wednesday, January 1, 2014

तुला २०१४ राशिफल

तुला २०१४ राशिफल
यह फलादेश लग्न आधारित है
इस राशी का स्वामी शुक्र है . ये जातक व्यापारिक बुद्धि के होते हैं , खर्चा करने में कमी नहीं रखते ,परिवार के प्रति समर्पित होते हैं और विपरीत लिंगियों के प्रति आकर्षित रहते हैं .चित्रा स्वाति विशाखा इस राशी में आने वाले नक्षत्र हैं जो की मंगल रहू गुरु द्वारा अधिष्ठित हैं .
परिवार २०१४
शुरूआती समय में परिवार में तनातनी रहेगी . आपको परिवार में ग़लतफहमी और छोटी मोटी बहस का सामना करना पड़ेगा .मार्च के बाद स्थिति अच्छी होगी .जुलाई के बाद आपको फिर से दिक्कत होगी और यह वर्ष दुखद ही रहेगा . आपको यह समझना पड़ेगा की दुसरे आपसे क्या उम्मीद रखते हैं .
स्वास्थय २०१४
इस वर्ष आपको कमर दर्द , पेट की तकलीफ , गुप्तांगो में दिक्कत होने की संभावना है .आपको आराम को अधिक महत्त्व देना चहिये .दवाइयां समय पर लें और स्वास्थय को नज़रंदाज़ न करें अन्यथा सेहत और बिगड़ सकती है .इस वर्ष आपको जिगर बढ़ने की शिकायत भी हो सकती है .
प्रेम रोमांस २०१४
इन विषयों पर बहुत ध्यान से आगे बढ़ने की ज़रुरत है . पंचमेश को रहू की युति नष्ट कर रही है .आपको रोज़मर्रा के जीवन में बात चीत में सावधान रहना चहिये .आपका गलत लाभ भी लिया जा सकता है .जून से अगस्त के महीने में सावधान रहिये .ये वर्ष प्यार वगेरह के लिए नहीं है .कई जातकों का तलक होगा , घर टूटेंगे .विवाहित लोगों को भी सावधान रहने की आवश्यकता है .

कर्मक्षेत्र २०१४
यह वर्ष कर्म आदि के लिए उपयुक्त है .आप मन लगाकर काम करेंगे और मनोवांछित फल भी पायेंगे .आप इस वर्ष नौकरी भी बदल सकते हैं .आप पर इस वर्ष काम का दबाव भी अधिक होगा .लेकिन यह ध्यान रखना है की कोई भी निर्णय सोच समझ लेना ही बेहतर होता है .जल्दी बाज़ी में लिए गए फैसले उल्टा असर भी दिखा सकते हैं .
आर्थिक स्थिति २०१४
यह वर्ष धन के लिए अच्छा है .आप स्वर्ण आभूषण इत्यादि खर्रेड सकते हैं .आप इस वर्ष बचत भी करेंगे .आपको फिजूलखर्ची पर लगाम लगनी होगी .आप में से कुछ जातकों को शेयर सट्टा आदि से भी लाभ होगा .आप नया वहां भी ले सकते हैं .आपमें बुद्धि चातुर्य की कमी नहीं है , धैर्य से समय को अपने पक्ष में कीजिये .
शिक्षा २०१४

छात्रों को नवंम्बर के बाद हीसफलता के योग हैं .निजी जीवन और कुटुंब आदि की समस्याओं के चलते आपका ध्यान केन्द्रित नहीं रहेगा और इसका असर आपकी शिक्षा पर पड़ेगा .अच्छा होगा यदि आप प्राणायाम ध्यान आदि करें और मस्तिष्क को ठंडा रखें .