Friday, December 13, 2013

क्या नरेन्द्र मोदी देश के भावी प्रधान मंत्री बन सकते है ?

क्या नरेन्द्र मोदी देश के भावी प्रधान मंत्री बन सकते है ?
प्रिय पाठकों,
चुनाव अब बहुत दूर नहीं हैं और सरगर्मियां बढती जा रही हैं .रोज़ ही हम चैंनलों पर तथा इन्टरनेट पर किसी न किसी के प्रधान मंत्री बनने की बातें सुनते रहते हैं .ज्योतिष से सम्बंधित लोगों में भी बहुत उत्सुकता है तथा सभी यह अनुमान लगाना चाहते हैं की इस समय भारतीय जनता पार्टी के लोकप्रिय नेता भारत के भावी प्रधानमंत्री बन सकते हैं की नहीं .
कृष्णामूर्ति पद्धति एक बहुत ही बेहतर और विश्वसनीय तरीका है जिसके ज्योतिषीय सिद्धान्तों के आधार पर भविष्य का सही अनुमान लगाया जा सकता है .मैं भी इस महान पद्धति के अपने अल्प ज्ञान के द्वारा यह जानने का प्रयास कर रहा हूँ की क्या नरेन्द्र मोदी देश के भावी प्रधान मंत्री बन पायेंगे की नहीं .
यह सिर्फ एक ज्योतिषीय प्रयास मात्र है और इस से किसी भी रूप में मेरी निजी राय न समझा जाए .जो भी उत्तर होगा मैं वोही आपके सामने प्रस्तुत करूँगा .मुझे किसी दल या व्यक्ति विशेष से कोई प्रयोजन नहीं है .
रूलिंग गृह
(1)    लग्न : मंगल
(2)    चन्द्रमा नक्षत्र स्वामी :मंगल
(3)    चन्द्रमा राशी स्वामी : शनि
(4)    दिन स्वामी : बुध
कुंडली में रूलिंग ग्रहों की स्थिति
मंगल तथा बुध कुंडली में अष्टम भाव  में हैं .शनि बारवें भाव में है और शनि की रहू से युति होने के कारन रहू भी रूलिंग गृह बनेगा जोकि शनि के साथ बारहवें भाव में है .
छठे भाव का उप्नाक्षत्र स्वामी : चन्द्रमा , छठे भाव का कार्येष गृह है .पहली शर्त पूर्ण होती है .
 दशम का उप्नाक्षत्र स्वामी : राहू
ग्यारहवें का उप्नाक्षत्र स्वामी : बुध
मंगल की महादशा ७-१०-२०१८ तक रहेगी
ब्रहस्पति का अंतर २७-२-२०१४ तक रहेगा किन्तु ब्रहस्पति हमारे रूलिंग ग्रहों में नहीं है .
शनि का अन्तर ८-४-२०१५ तक रहेगा .
चुनाव २०१४ में होने हैं इसलिए या तो गुरु का अंतर रहेगा या फिर शनि का.
महादशा स्वामी मंगल ११,७,१,५,६, भावों का कार्येष गृह है .
गुरु ११,७,२,४ भावों का कार्येष है मगर गुरु हमारे रूलिंग में नहीं आया है जबकि मंगल २ बार आया है .
शनि ११ और ३ भावों का कार्येष भी है और हमारे रूलिंग ग्रहों में भी है .
राहू ११ भाव का कार्येष है और दशम का उप्नाक्षत्र स्वामी भी है  राहू अपने ही नक्षत्र में गोचर कर रहा है .राहू हमारे रूलिंग ग्रहों में भी है .
निष्कर्ष : नरेन्द्र मोदी के हमारे देश के भावी प्रधान मंत्री बनने की बहुत प्रबल संभावनाएं हैं किन्तु उनको अत्यधिक ,उनके विचारों से भी भीषण विरोध का सामना करना पड़ेगा .