Saturday, December 14, 2013

शिवराज सिंह जी का शपथ ग्रहण समारोह – ज्योतिषीय आकलन oath taking of shivraj singh chauhan

शिवराज सिंह जी का शपथ ग्रहण समारोह – ज्योतिषीय आकलन

दिनांक १४ -१२- १३ को १२ :०५ मिनिट पर मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह जी ने तीसरी बार मध्य प्रदेश का मुख्यमंत्री पद भार ग्रहण करने की शपथ ली .आइये इस समय की कुंडली बना कर देखते हैं की आने वाले पांच वर्ष प्रदेश के लिए और मुख्यमंत्री जी के लिए कैसे रहेंगे.
दिनाक १४-१२-२०१३ का पंचांग :
तिथि : शुक्ल पक्ष त्रयोदशी ( यह जया तिथि है जो की इस कार्य के लिए शुभ होती है )
नक्षत्र : भरणी
योग : शिवा
करण : कौलव
वार : शनिवार
सूर्य : दक्षिणायन

अब हम लग्न , भाव और गृह का विचार करेंगे ,
शपथ ग्रहण के समय कुम्भ लग्न चल रही थी. कुम्भ एक स्थिर लग्न है और ज्ञान की लग्न है. लग्न ब्रहस्पति के नक्षत्र और उप –नक्षत्र में है और लग्नेश शनि उच्च का होकर २४  अंशों में चल रहा है और गुरु के ही नक्षत्र में है. शनि गृह न्याय और साधारण  जनमानस से जुड़ा हुआ गृह है और अभी अपनी प्रिय और उच्च तथा न्यायप्रिय राशि में गोचर कर रहा है. आपने देखा होगा जबसे शनि तुला में आया है , कई नामी गिरामी हस्तियाँ जो धर्म , राजनीती, शासन ,  व्यापार आदि में से थी – इनको जेल यात्रा करनी पड़ी और उन पर मुकदमा भी शुरू हुआ तथा बदनामी भी हुई. इसी समय में आम आदमी की आवाज़ बनकर एक मशहूर जनांदोलन से आम आदमी पार्टी का भी जन्म हुआ. शुभ गृह ब्रहस्पति की द्रष्टि भी शनि पर आ रही है किन्तु ब्रहस्पति वक्री है जो की शुभ नहीं है. वक्री गृह यदि शुभ हैं तो उनके फलाफल में कमी होती है और यदि अशुभ हैं तो दुगने अशुभ फल प्रदान करते हैं. इस कुंडली के विभिन्न भावों में विराजमान ग्रहों के विषय में यह फल होगा :
प्रथम भाव : प्रथम भाव में नेप्त्चुन गृह विराजमान है. ब्रहस्पति की लग्न , लग्नेश और नेप्त्चुन पर द्रष्टि है. यह राज्य में होने वाले उपद्रवों को रोकने के लिए या उनका दुष्प्रभाव न्यून करने के लिए उपयुक्त है, किन्तु वक्री होने के कारण और वृद्धावस्था की ओर अग्रसर होने के कारण ब्रहस्पति बहुत अधिक प्रभाव नहीं दिखा पायेंगे अतः हम देखेंगे की आने वाले समय में मंत्रिमंडल के चयन में काफी दिक्कत आएँगी और विद्रोह के स्वर भी उभरेंगे. राज्य में असंतोष व्याप्त होगा किन्तु उसका निराकरण कर लिया जाएगा. प्रदेश में आत्मा हत्या , अपराध , आतंकवाद बढ़ने की संभावना बनी रहेगी. स्त्री वर्ग में भी असंतोष की भावना जाग्रत होगी. लग्नेश धर्म के भाव में विराजमान है इसलिए राज्य में धार्मिक गतिविधियों को बल मिलेगा और जन सामान्य में धर्म के प्रति रूचि बढ़ेगी.
द्वितीय भाव : द्वितीय भाव में यूरेनस विद्यमान है. भावाधिपति गुरु वक्री है, १,९,११,भावों को देख रहा है जो की अच्छा है. राज्य में आर्थिक विकास होगा किन्तु आर्थिक जालसाजी और फरेब की घटाएं बढ़ जायेंगी. वस्तुओं के दाम में अचानक उंच नीच होती रहेगी. राज्य के कोष में वृद्धि होगी.
तृतीय भाव : राजकीय कर्मचारियों में वेतन को लेकर असंतोष बढ़ता जाएय्गा और आन्दोलन की शक्ल ले लेगा. प्रदेश में संचार और परिवहन की कई योजनायें लागू करी जायेंगी और रोजगार का सृजन होगा. महिलाओं के लिए अलग से परिवहन की व्यवस्था बढाई जायेगी. त्रतियेश अपने घर को देख रहा है जो की शुभ है किन्तु केतु की उपस्थिति के कारण योजनाओं में व्यवधान आते जायेंगे और दुर्घटनाओं की संख्या भी बढ़ेगी.
चतुर्थ भाव : चतुर्थेश द्व्वादाश भाव में होने से विरोधी दल पनप नहीं पायेंगे और सरकार आराम से अपना कार्यकाल पूर्ण करेगी. शिवराज सिंह चौहान जी की सरकार विरोधियों को पूर्ण धूमिल करने में सफल होगी. प्रदेश में भूमि का अवैधानिक खनन और दुरूपयोग बढेगा. भूमि वहां आदि व्यापार में संलग्न लोग अनैतिक मार्गों का प्रयोग करने में कोई देर नहीं करेंगे.
पंचम भाव : पंचम भाव में ब्रहस्पति विराजमान है जो स्वयं के ही नक्षत्र में है. यह अति उत्तम है. प्रारंभिक माध्यमिक शिक्षा की पहुँच और दूर तक होगी, प्रदेश में प्रसूति दर बढ़ेगी. राज्य में आम जन के लिए मनोरंजन के साधन बढ़ेंगे. कला , फिल्म और संगीत को बढ़ावा मिलेगा .
छठा भाव :  शनि राहू की संयुक्त द्रष्टि प्रदेश में स्वास्थय विभाग में किसी बड़े घोटाले का संकेत दे रही है. साथ ही प्रदेश में गंभीर संक्रामक रोगों के बढ़ने की भी प्रबल संभावना है. राजकीय अधिकारी और कर्मचारी आमतौर पर अच्छा प्रदर्शन करेंगे किन्तु रिश्वत की घटनाओं पर रोक नहीं लग पाएगी. २०१४ में बड़े अधिकारी रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ पकड़े जायेंगे. मुख्य मंत्री जी का स्वास्थय आने वाले समय में अचानक बिगड़ सकता है किन्तु ब्रहस्पति के प्रभाव से अनिष्ट नहीं हो पायेगा. मुख्य मंत्री जी को लगातार अपने विरुद्ध षड्यंत्रों से सावधान रहना चाहिए और खान पान की पूर्ण सतर्कता वर्ष २०१४ में रखनी चाहिए अन्यथा विषाक्त भोजन के शिकार हो सकते हैं.
सप्तम भाव :  प्रदेश में व्यापार में बढ़ोतरी होगी और कोई विदेशी संस्था या कंपनी यहाँ पूँजी निवेश भी करेगी. रोजगार का सृजन होगा. प्रदेश की ख्याति दूर तक फैलेगी और प्रदेश के मुखिया का बहुत नाम होगा. बाहरी निवेश अवश्य बढेगा और नयी इकाइयां स्थापित होंगी.
अष्टम भाव : अष्टम भाव में मंगल गृह विराजमान है जो की दशमेश और त्रतियेश है. भावाधिपति होने के अतिरिक्त गृह अपना स्वयं का कारकत्व दिखाना नहीं भूलते. मंगल का अष्टम में होना शुभ सूचक नहीं है. प्रदेश में आगजनी , हिंसा , अकाल मृत्यु , बलात्कार आदि घटनाएं प्रभाव डालेंगी. वाहन दुर्घटनाओं में इजाफा होगा. प्रसिद्द व्यक्तियों की अचानक मृत्यु की खबरें भी आएँगी.
नवं भाव : वर्ष २०१४ में प्रदेश के प्रसिद्द धर्म गुरुओं की असामयिक मृत्यु हो सकती है, धर्म के नाम पर छद्म की घटनाएं बढ़ सकती हैं . वृद्ध लोगों के लिए समस्या हो सकती है और सरकार वृद्ध लोगों के कल्याण हेतु कई योजनायें चला सकती है. धार्मिक गुरु किसी बदनामी में फसेंगे.
दशम भाव : दशम में सूर्य दिग्बली होकर बिठा है, साथ में बुध भी है. शासकीय मंत्री और अफसर कई विदेश यात्राएँ करेंगे . मुख्या मंत्री अपने शत्रुओं का दमन करने में सफल रहेंगे . प्रदेश में उनकी लोकप्रियता बढती जायेगी. शासन पर उनकी पकड़ मजबूत होगी और इनके मंत्री विरोध दर्ज करने से ज्यादा कुछ नहीं कर पायेंगे. प्रदेश में युवाओं को प्रोत्साहन मिलेगा और युवा राजनीतिज्ञ भी आगे आयेंगे. दूसरे दल प्रदेश में अपना वर्चस्व नहीं बना के रख पायेंगे.
एकादश भाव : लग्नेश दशमेश और एकादशेश के द्रष्टि एकादश भाव पर है , यह अति शुभ है. सरकार की गतिविधियों में व्यवधान पड़ने की संभावना कम है और सरकार पूर्ण सहमती और विवेक से जनकल्याणकारी योजनाओं को अंजाम दे पाएगी. राहू और वक्री गुरु के कारण थोडा असंतोष और विद्रोह पनपता रहेगा किन्तु स्वयं मुख्यमंत्री अपने स्तर से सबका निराकरण कर लेंगे. राज्य की प्रसिद्धि होगी. मुख्यमंत्री अपने दृढ शासन के लिए प्रसिद्द होंगे. प्लूटो इस भाव में विराजमान है जो की नैसर्गिक पाप गृह है किन्तु इसके कारण सरकार पर असर नहीं पड़ेगा, कुछ मंत्रियों की असामयिक मृत्यु या दुर्घटना आदि घटनाएं होंगी और कुछ संगीन प्रकरण में सुर्खियाँ बनायेंगे.
द्वादश भाव : शुक्र के इस भाव में होने से महिलाओं पर अनाचार की घटनाएं होती रहेंगी, उन पर अंकुश लगाने की भरसक कोशिश इस सरकार की रहेगी मगर पूर्ण सफलता नहीं मिलेगी. राज्य के धर्म गुरु लम्बी यात्राएं करेंगे. महिलाओं के लिए कई कल्याणकारी योजनाओं को चलाया जाएगा. प्रदेश की महिलाएं अपना नाम रोशन करेंगी विशेषकर कला संगीत नृत्य फिल्म आदि के क्षेत्र में.
कुल मिलाकर यह सरकार अपना कार्य काल न सिर्फ पूर्ण करेगी बल्कि इसकी लोकप्रियता और भी बढ़ेगी. शिवराज सिंह चौहान जी का कद राष्ट्रीय नेताओं का समकक्ष हो जाएगा. आने वाले लोक सभा चुनावों में भाजापा को आशातीत सफलता मिलेगी. दुसरे दल के लोग भाजपा में शामिल होंगे. मंत्रिमंडल में महिलाओं की भागीदारी बढ़ेगी और भ्रष्ट लोगों का पर्दाफाश होगा.