Friday, December 13, 2013

शनि मंगल की युति और जातक पर प्रभाव -२

शनि मंगल की युति और जातक पर प्रभाव -२
अब से थोड़ी देर बाद शनि और मंगल का तुला राशी में एकत्र होने का योग बन ने जा रहा है .स्वाभावतः शनि मंगल दोनों ही परम क्रूर और पापी गृह माने गए हैं किन्तु हर  लग्नानुसार इनके फल बदल जाते हैं .जो की हर गृह के साथ होता है .इन ग्रंहो का जो भी प्रभाव है उसकी तीव्रता निर्भर करेगी
१)यदि कुंडली में शनि या मंगल का अंतर चल रहा हो
२)प्रत्यंतर चल रहा हो
३)कोई गृह इन ग्रहों के नक्षत्रों में हो और उसका अंतर प्रत्यंतर चल रहा हो
४)कोई गृह इन नक्षत्रों के उप्नाक्षत्रों में हो और उसका अंतर प्रत्यंतर चल रहा हो .
तुला में शनि उच्च के हो जाते हैं .लेकिन अभी मृत्यु भाग में चल रहे हैं . जब कोई ग्रह मत्यु भाग में होता है, तो वह निम्नप्रकार से
प्रभाव डालता है.......
  1. ग्रह उस भाव पर असर करता है, जिसमें स्थित है।
  2. ग्रह अपने कारकत्व पर प्रभाव डालता है।
  3. ग्रह उस भाव के स्वामी ग्रह पर असर करता है, जिसमें वह स्थित हो। 
दोनों का यह साथ २९ सितम्बर तक रहेगा तथा इस समय में देश दुनिया में भी काफी उथल पुथल हो सकने की बहुत संभावना है .तुला राशी में चित्र के २ चरण //और स्वाति के चार //और विशाखा के ३ चरण आते हैं जिनके स्वामी क्रमश मंगल रहू और गुरु होते हैं .
यदि आपकी कुंडली में शनि या मंगल का अंतर प्रत्यंतर नहीं चल रहा है तो आप पर इसका प्रभाव न्यून ही रहेगा अतः कोई अधिक परेशानी नहीं है .
.........किसी भी स्थिति में मुझे निशुल्क कुंडली दिखाने के लिए मित्र रेकुएस्ट न भेजें ........

६)कन्या :४,५,६,७,८,९,११,३ भाव प्रभावित होंगे .यात्रा पर जा सकते हैं .आँखों और दांतों में तकलीफ आ सकती है .पुरानी तकलीफ बढ़ सकती है .संपत्ति विवाद उत्पन्न हो सकता है .गुप्त शत्रुओं से पीढ़ा प्राप्त होगी .संतान पक्ष से दुखद समाचार प्राप्त हो सकता है .भाग्य में रुकावट आ सकती है .सिरदर्द की तकलीफ बढ़ सकती है .लाभ में कमी हो सकती है .पिता से विवाद उत्पन्न हो सकते हैं .परिवार में क्लेश की संभावना है .धन कहीं अटक सकता है .पेट में तकलीफ आ सकती है .यात्रा में हानि उठानी पड़ सकती है .शांत रहने की आवश्यकता है .आपका चतुर्थेश और सप्तमेश गुरु रहू-केतु अक्ष पे है .प्रेम सम्बन्ध में हानि उठानी पड़ सकती है .कार्य क्षेत्र सामान्य रहने की संभावना है .
७)तुला :१,२,३,४,५,७,८,१० भाव प्रभावित होंगे .रहू आपके द्वितीय भाव में गोचर कर रहा है .निवास स्थान में परिवर्तन हो सकता है .विवाहिक सम्बन्ध टूटने की कगार तक आ सकते हैं .कुटुंब में विकट क्लेश उत्पन्न हो सकते हैं .नौकरी में परिवर्तन हो सकता है .मानसिक रूप से टूट सकते हैं .क्रोध और अहंकार पे नियंत्रण रखें .लालची न बनिए .सर में दर्द ,अनिद्रा घेर सकती है .जमीन जायदाद के मामलों में उलझ सकते हैं .गलत निर्णय ले सकते हैं .माता को अचानक कष्ट उत्पन्न हो सकता है .कार्य क्षेत्र में विवाद हो सकते हैं .अधिक बोलने से बचें .कटु वचन बोलने से बचें .यात्रा में दुर्घटना हो सकती है .चोरी हो सकती है .धोका होने की प्रबल संभावना है .धन की स्थिति बिगड़ सकती है .
८)सिंह :३,४,५,६,७,९,१०,१२ भाव प्रभावित होंगे .राहू चतुर्थ भाव से गोचर कर रहा है और पंचमेश गुरु उनके अक्ष पे है .दुर्घटना हो सकती है .यात्रा से बचें .मामा पक्ष से अशुभ समाचार आ सकता है .क़र्ज़ में फंस सकते हैं .वाहन में अचानक खराबी आ सकती है .माता से विवाद हो सकते हैं .पिता की सेहत खराब हो सकती है .माता को फेफड़ों में तकलीफ हो सकती है .भाग्य रूठ सकता है .कमर में चोट लग सकती है .पत्नी का तबादला हो सकता है .पत्नी से क्लेश हो सकता है .घर में संचार के उपकरण ख़राब हो सकते हैं .कान में दर्द की शिकायत होगी .छोटे भाइयों से प्रेम से व्यवहार कीजिये .हाथों मैं दर्द हो सकता है .प्रयत्नों का परिणाम प्राप्त होने में विलम्ब होगा .अधिक मेहनत करनी पड़ेगी .घर में काम करवा सकते हैं .किसी मुकदमें में फंक सकते हैं .क्रोध अहंकार पर नियंत्रण रखिये .
९)मिथुन : २, ५,६,७,८,९,११,१२ भाव प्रभावित होंगे .रहू ६ वें घर से गोचर कर रहा है और आपके सप्तमेश दशमेश को अपने अक्ष पे लिए हुए है .धन लाभ की प्रबल संभावना है .शत्रुओं का दमन कर पाय्नेगे .मुकदमें में विजय प्राप्त हो सकती है .मामा पक्ष से अशुभ समाचार आ सकता है .फ़ूड पोइसनिंग का शिकार हो सकते हैं .प्रेम सम्बन्ध समाप्त हो जाएगा .संतान को कष्ट की प्रबल सम्भावन है .लाभ हुआ धन व्यय हो सकता है .नींद में दिक्कत आएगी .नींद की गोलियां भी खा सकते हैं .लम्बी यात्रा पर जा सकते हैं .गुप्तांगो में तक्ल्लीफ़ उत्पन्न हो सकती है .अशुभ समाचार प्राप्त हो सकता है .विदेश यात्रा पर भी व्यय हो सकता है .

१० )वृश्चिक : १,२,३,४,६,७,९,१२ भाव प्रभावित होंगे .जल से खतरा हो सकता है .रतौंधी की बीमारी की शुरुआत हो सकती है .अस्पताल में भरती हो सकते हैं .धन हानि की प्रबल संभावना है .शत्रुओं को परस्त कर पायेंगे .भोजन में तेल मिर्च खाने से बचिए .क़र्ज़ चूका साकते हैं .सारे प्रयास विफल हो सकते हैं .यात्रा में दुर्घटना की संभावना है .राहू आपकी लग्न में है .मानसिक रूप से अति व्यथित हो सकते हैं .क्रोध चिडचिडापन आप पर हावी होगा .नियंत्रित रहिये .तलुओं में चोट लग सकती है मोच आ सकती है .पत्नी से व्यवहार नियंत्रित रखिये .विदेश योग भी बन सकता है .पराक्रम में कमी आ सकती है .मामा पक्ष से अशुभ समाचार आ सकता है .घर में चोरी भी हो सकती है .गुप्त रोग भी घेर सकते हैं .निवास बदल सकता है .